PreviousLater
Close

मैं जिसे चाँद न मिलावां36एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

मैं जिसे चाँद न मिला

बचपन में खोई नीरजा को एक दयालु दादी ने पाला। बीमार दादी के इलाज के लिए उसने अपना किडनी दान कर दिया। तब पता चला कि किडनी लेने वाली लड़की उसकी सौतेली बहन है और अमीर घराने की मालकिन सुमन उसकी असली माँ। माँ और भाई ने नीरजा को अपनाने से इनकार कर दिया। दुखी नीरजा को प्रो. गौरी ने गोद लिया। नीरजा अब गौरी की बेटी है – गौरी। उसने अपनी मेहनत से कैंसर की दवा बनाई और बड़ी वैज्ञानिक बनी। असली माँ और भाई बाद में पछताए, पर गौरी ने उन्हें माफ कर दिया और अपने असली घर – गौरी के घर – में ही रहने का फैसला किया।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

दरवाजे के उस पार का सच

जब वो पुरुष कमरे में घुसता है, तो हवा में तनाव साफ महसूस किया जा सकता है। लड़कियों की हंसी अचानक थम जाती है और उनकी आंखों में एक अजीब सी घबराहट दिखाई देती है। मैं जिसे चाँद न मिला की कहानी में यह पल सबसे ज्यादा दमदार है। खासकर वो लड़की जो बीच में बैठी है, उसकी मुस्कान गायब होकर डर में बदल जाती है। यह बदलाव दर्शकों को बांधे रखता है।

खामोशी का शोर

वीडियो के अंत में जब पुरुष गुस्से में मुट्ठी भींचता है और पीछे खड़ी महिला की आंखों में आंसू आ जाते हैं, तो दिल दहल जाता है। यह दृश्य बताता है कि बाहर का शोर अंदर कितना दर्द छिपाए हुए है। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे इमोशनल पल बहुत कमाल के हैं। रंग-बिरंगी लाइट्स के बीच यह उदासी और भी गहरी लगती है। बिल्कुल असली लगता है यह सब।

तीन दोस्त और एक राज

शुरुआत में लगता है कि बस पार्टी चल रही है, लेकिन जैसे-जैसे वीडियो आगे बढ़ता है, पता चलता है कि इन तीनों दोस्तों के बीच कुछ गड़बड़ है। मैं जिसे चाँद न मिला में दोस्ती और धोखे की यह लकीर बहुत बारीकी से खींची गई है। खासकर वो पल जब वे एक-दूसरे को देखती हैं और कुछ कह नहीं पातीं, वो सबसे बेहतरीन एक्टिंग है।

नीली रोशनी और काले सच

के टीवी रूम की नीली और बैंगनी लाइट्स माहौल को बहुत रहस्यमयी बना देती हैं। जब पुरुष अंदर आता है, तो ये लाइट्स उसके गुस्से को और भी डरावना बना देती हैं। मैं जिसे चाँद न मिला का यह दृश्य विजुअली बहुत स्ट्रॉन्ग है। लड़कियों के कपड़े और मेकअप पार्टी के लिए परफेक्ट हैं, लेकिन उनकी आंखों में छिपा डर सब कुछ बदल देता है।

एक झलक में पूरी कहानी

बिना डायलॉग के ही यह वीडियो एक पूरी कहानी कह देता है। पुरुष का अंदर आना, लड़कियों का चुप हो जाना, और पीछे खड़ी महिला का रोना - सब कुछ बहुत स्पष्ट है। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे सीन्स देखकर लगता है कि हर चेहरे के पीछे एक दुनिया छिपी है। यह शॉर्ट वीडियो फॉर्मेट की ताकत को बहुत अच्छे से दिखाता है।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down