PreviousLater
Close

मैं जिसे चाँद न मिलावां60एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

मैं जिसे चाँद न मिला

बचपन में खोई नीरजा को एक दयालु दादी ने पाला। बीमार दादी के इलाज के लिए उसने अपना किडनी दान कर दिया। तब पता चला कि किडनी लेने वाली लड़की उसकी सौतेली बहन है और अमीर घराने की मालकिन सुमन उसकी असली माँ। माँ और भाई ने नीरजा को अपनाने से इनकार कर दिया। दुखी नीरजा को प्रो. गौरी ने गोद लिया। नीरजा अब गौरी की बेटी है – गौरी। उसने अपनी मेहनत से कैंसर की दवा बनाई और बड़ी वैज्ञानिक बनी। असली माँ और भाई बाद में पछताए, पर गौरी ने उन्हें माफ कर दिया और अपने असली घर – गौरी के घर – में ही रहने का फैसला किया।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

माँ का प्यार अटूट

माँ का वह पल जब वह अपने बेटे को गले लगाती है, वह सबसे भावुक दृश्य था। उसकी आँखों में चिंता और प्यार दोनों झलक रहे थे। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे रिश्ते दिखाए गए हैं जो असली लगते हैं। यह शो दिल को छू लेता है।

उस लड़की का दर्द

भूरे सूट वाली लड़की की आँखों में छिपा दर्द देखकर लगता है कि वह कुछ छिपा रही है। उसकी मुस्कान के पीछे कितना दर्द है, यह जानने की इच्छा होती है। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे किरदार हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं।

सफेद सूट वाला रहस्य

सफेद सूट वाला व्यक्ति शांत लगता है, लेकिन उसकी आँखों में कुछ छिपा है। वह क्यों वहाँ खड़ा है? क्या वह उस लड़के का दोस्त है या दुश्मन? मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे रहस्य हैं जो हर एपिसोड में बढ़ते जाते हैं।

अस्पताल का माहौल

अस्पताल का सेट इतना असली लगता है कि लगता है कि हम वहीं हैं। रोशनी, रंग और हर छोटी चीज़ सही जगह पर है। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे सेट डिज़ाइन देखकर हैरान रह गया। यह शो विजुअली भी शानदार है।

भावनाओं का तूफान

हर किरदार की आँखों में अलग-अलग भावनाएँ हैं - दर्द, चिंता, गुस्सा, प्यार। यह शो भावनाओं का तूफान लेकर आता है। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे सीन्स हैं जो दिल को छू लेते हैं और आँखों में आँसू ला देते हैं।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down