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मैं जिसे चाँद न मिलावां5एपिसोड

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मैं जिसे चाँद न मिला

बचपन में खोई नीरजा को एक दयालु दादी ने पाला। बीमार दादी के इलाज के लिए उसने अपना किडनी दान कर दिया। तब पता चला कि किडनी लेने वाली लड़की उसकी सौतेली बहन है और अमीर घराने की मालकिन सुमन उसकी असली माँ। माँ और भाई ने नीरजा को अपनाने से इनकार कर दिया। दुखी नीरजा को प्रो. गौरी ने गोद लिया। नीरजा अब गौरी की बेटी है – गौरी। उसने अपनी मेहनत से कैंसर की दवा बनाई और बड़ी वैज्ञानिक बनी। असली माँ और भाई बाद में पछताए, पर गौरी ने उन्हें माफ कर दिया और अपने असली घर – गौरी के घर – में ही रहने का फैसला किया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

हीरो का गुस्सा जायज था

शुरुआत में हीरो का गुस्सा देखकर लगा कि शायद वह गलतफहमी में है, लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो उसका रिएक्शन बिल्कुल सही था। उसने बिना कुछ सोचे समझे अपनी प्यारी को बचाया। यह दृश्य साबित करता है कि प्यार में पागलपन होना जरूरी है। मैं जिसे चाँद न मिला की कहानी में यह पल सबसे यादगार बन गया है।

विलेन की चालाकी

पीले सूट वाली लड़की का अभिनय कमाल का था। उसने कैसे अपनी मासूमियत का नाटक करके सबको बेवकूफ बनाया, यह देखकर हैरानी हुई। लेकिन अंत में जब हीरो ने सच्चाई जान ली, तो उसका चेहरा देखने लायक था। ऐसे विलेन किरदार ही कहानी को रोचक बनाते हैं। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे ट्विस्ट्स की उम्मीद की जा सकती है।

पूल में गिरने का दृश्य

जब हीरो ने काले ड्रेस वाली लड़की को पूल में धकेला, तो लगा जैसे समय थम गया हो। पानी में गिरने की आवाज और फिर सबका चौंकना, यह सब इतना रियल लगा कि मैं भी वहीं मौजूद महसूस कर रहा था। यह दृश्य सिर्फ एक्शन नहीं, बल्कि भावनाओं का भी प्रतीक था। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे पलों की कमी नहीं है।

काले ड्रेस वाली लड़की की मासूमियत

काले ड्रेस वाली लड़की का चेहरा देखकर लगा कि वह सच में बेगुनाह है। उसकी आंखों में डर और हैरानी साफ झलक रही थी। जब हीरो ने उसे पूल में धकेला, तो उसका रिएक्शन दिल को छू लेने वाला था। ऐसे किरदार ही कहानी को जीवंत बनाते हैं। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे इमोशनल पलों की भरमार है।

हीरो का डिसीजन

हीरो का डिसीजन लेना बहुत मुश्किल रहा होगा। एक तरफ उसकी प्यारी और दूसरी तरफ एक चालाक लड़की। लेकिन जब उसने सच्चाई जान ली, तो उसका रिएक्शन बिल्कुल सही था। उसने बिना कुछ सोचे समझे अपनी प्यारी को बचाया। यह दृश्य साबित करता है कि प्यार में पागलपन होना जरूरी है। मैं जिसे चाँद न मिला की कहानी में यह पल सबसे यादगार बन गया है।

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