नीली जैकेट वाले लड़के के चेहरे पर जो क्रोध और निराशा है, वह शब्दों से बयां नहीं हो सकती। वह लड़की जो जमीन पर गिरकर रो रही है, उसकी हालत देखकर किसी का भी दिल पसीज जाए। मैं जिसे चाँद न मिला की कहानी में यह मोड़ बहुत ही इमोशनल है। कमरे का माहौल और लाइटिंग भी इस तनाव को और बढ़ा रही है। ऐसा लगता है जैसे सब कुछ खत्म हो गया हो और अब कोई रास्ता नहीं बचा है।
जब वह लड़की उस औरत के पैरों में गिरती है, तो लगता है कि उसने अपनी सारी अकड़ छोड़ दी है। उसकी आंखों में आंसू और चेहरे पर डर साफ़ दिख रहा है। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे सीन देखकर लगता है कि प्यार कितना दर्दनाक भी हो सकता है। उस लड़के का खामोश रहना और उस औरत का कठोर चेहरा इस ड्रामे को और भी गहरा बना देता है। यह एक बहुत ही भारी पल है।
इस के टीवी रूम में जो घटना घट रही है, वह किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। नीली रोशनी और शीशे जैसी फर्श ने इस ड्रामे को और भी डरावना बना दिया है। मैं जिसे चाँद न मिला के इस एपिसोड में हर किरदार का रोल बहुत अहम है। जब वह लड़की जमीन पर गिरती है, तो पूरा कमरा सन्न रह जाता है। यह दृश्य दर्शकों को बांधे रखने के लिए काफी है और इसमें एक अजीब सी खामोशी है।
यह वीडियो रिश्तों की उस कड़वी सच्चाई को दिखाता है जब सब कुछ टूट जाता है। वह लड़का जो कभी प्यार करता था, अब गुस्से में चिल्ला रहा है। वह लड़की जो कभी हंसती थी, अब रो रही है। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि प्यार कितना नाज़ुक होता है। उस औरत का बीच में आना और सब कुछ संभालने की कोशिश करना इस कहानी को और भी दिलचस्प बनाता है।
उस लड़की के आंसू देखकर किसी का भी दिल पसीज जाए। वह जमीन पर गिरकर माफ़ी मांग रही है, लेकिन शायद अब बहुत देर हो चुकी है। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे इमोशनल सीन देखकर लगता है कि जिंदगी कितनी बेरहम हो सकती है। उस लड़के का गुस्सा और उसकी आंखों में नफरत देखकर डर लगता है। यह दृश्य दर्शकों को झकझोर कर रख देता है और सोचने पर मजबूर कर देता है।