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मैं जिसे चाँद न मिलावां2एपिसोड

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मैं जिसे चाँद न मिला

बचपन में खोई नीरजा को एक दयालु दादी ने पाला। बीमार दादी के इलाज के लिए उसने अपना किडनी दान कर दिया। तब पता चला कि किडनी लेने वाली लड़की उसकी सौतेली बहन है और अमीर घराने की मालकिन सुमन उसकी असली माँ। माँ और भाई ने नीरजा को अपनाने से इनकार कर दिया। दुखी नीरजा को प्रो. गौरी ने गोद लिया। नीरजा अब गौरी की बेटी है – गौरी। उसने अपनी मेहनत से कैंसर की दवा बनाई और बड़ी वैज्ञानिक बनी। असली माँ और भाई बाद में पछताए, पर गौरी ने उन्हें माफ कर दिया और अपने असली घर – गौरी के घर – में ही रहने का फैसला किया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सिमरन की एंट्री धमाकेदार

जब सिमरन दरवाजे से अंदर आती है, तो उसका लुक और अंदाज सबका ध्यान खींच लेता है। काले कपड़े और सिर पर बो, वह किसी रानी जैसी लग रही थी। उसने सीधे उस महिला से हाथ मिलाया जो सफेद ड्रेस में थी। सिमरन की मुस्कान में एक अजीब सी चालाकी थी, जैसे वह सब कुछ जानती हो। मैं जिसे चाँद न मिला की कहानी में यह मोड़ बहुत रोचक लगा।

तीनों का टकराव

जब सिमरन, वह महिला और पुरुष एक साथ खड़े होते हैं, तो माहौल में तनाव साफ महसूस हुआ। सिमरन की आंखों में गुस्सा था, जबकि वह महिला मुस्कुरा रही थी। पुरुष बीच में खड़ा था, जैसे वह किसी तरफ झुकना नहीं चाहता हो। सिमरन ने पुरुष का हाथ पकड़ लिया, जो उसकी मालिकाना हक जताने जैसा था। मैं जिसे चाँद न मिला में यह सीन बहुत ड्रामेटिक था।

सिमरन का गुस्सा

सिमरन का चेहरा देखकर लग रहा था कि वह बहुत गुस्से में है। उसने उस महिला की तरफ देखा, जैसे वह उसे चुनौती दे रही हो। उसकी आवाज में भी गुस्सा था, हालांकि वह मुस्कुरा रही थी। यह दोहरापन बहुत खतरनाक लग रहा था। मैं जिसे चाँद न मिला में सिमरन का यह रूपांतरण बहुत प्रभावशाली था।

पुरुष की दुविधा

पुरुष के चेहरे पर साफ दिख रहा था कि वह बहुत कन्फ्यूज्ड है। एक तरफ सिमरन है जो उसका हाथ पकड़े हुए है, और दूसरी तरफ वह महिला जो शायद उसकी मां या कोई करीबी है। वह न तो सिमरन को छोड़ पा रहा था और न ही उस महिला से दूर जा पा रहा था। मैं जिसे चाँद न मिला में यह किरदार बहुत जटिल लग रहा है।

सफेद ड्रेस वाली महिला

वह महिला जो सफेद ड्रेस में थी, उसका व्यवहार बहुत शांत और संयमित था। वह सिमरन से बात कर रही थी, लेकिन उसकी आंखों में एक अजीब सी चिंता थी। जब सिमरन ने पुरुष का हाथ पकड़ा, तो उस महिला के चेहरे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, जैसे वह सब कुछ सहन करने के लिए तैयार हो। मैं जिसे चाँद न मिला में यह किरदार बहुत रहस्यमयी लगा।

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