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मैं जिसे चाँद न मिलावां27एपिसोड

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मैं जिसे चाँद न मिला

बचपन में खोई नीरजा को एक दयालु दादी ने पाला। बीमार दादी के इलाज के लिए उसने अपना किडनी दान कर दिया। तब पता चला कि किडनी लेने वाली लड़की उसकी सौतेली बहन है और अमीर घराने की मालकिन सुमन उसकी असली माँ। माँ और भाई ने नीरजा को अपनाने से इनकार कर दिया। दुखी नीरजा को प्रो. गौरी ने गोद लिया। नीरजा अब गौरी की बेटी है – गौरी। उसने अपनी मेहनत से कैंसर की दवा बनाई और बड़ी वैज्ञानिक बनी। असली माँ और भाई बाद में पछताए, पर गौरी ने उन्हें माफ कर दिया और अपने असली घर – गौरी के घर – में ही रहने का फैसला किया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बेटे की चुप्पी ने सब कुछ कह दिया

मैं जिसे चाँद न मिला में बेटे की चुप्पी और उसकी आँखों में छिपा दर्द देखकर लगा कि वह भी कुछ कहना चाहता है। जब वह बूढ़ी माँ को छोड़कर चला जाता है, तो लगता है जैसे वह अपने आप से भाग रहा हो। यह दृश्य इतना भावनात्मक है कि देखकर लगता है कि हर बेटे के दिल में एक माँ का दर्द छिपा होता है।

नर्स की सहानुभूति ने दिल जीत लिया

मैं जिसे चाँद न मिला में नर्स का बूढ़ी माँ को सहारा देना और डॉक्टर का शांत रहना देखकर लगा कि अस्पताल में भी इंसानियत जिंदा है। जब नर्स बूढ़ी माँ को बिस्तर से उठने में मदद करती है, तो लगता है जैसे वह हर मरीज की माँ बन गई हो। यह दृश्य देखकर लगा कि नर्सिंग सिर्फ नौकरी नहीं, एक सेवा है।

डॉक्टर की शांति ने सब कुछ संभाला

मैं जिसे चाँद न मिला में डॉक्टर की शांति और उसकी पेशेवराना व्यवहार देखकर लगा कि वह हर स्थिति को संभाल सकता है। जब वह बूढ़ी माँ को समझाता है और नर्स को निर्देश देता है, तो लगता है जैसे वह हर मरीज का परिवार बन गया हो। यह दृश्य देखकर लगा कि डॉक्टर सिर्फ इलाज नहीं, सहारा भी देते हैं।

बूढ़ी माँ का रोना दिल को छू गया

मैं जिसे चाँद न मिला में बूढ़ी माँ का रोना और उसकी आँखों में छिपा दर्द देखकर लगा कि वह अपने बेटे को खो रही है। जब वह बिस्तर से उठकर बेटे को रोकती है, तो लगता है जैसे हर माँ का दर्द बोल रहा हो। यह दृश्य देखकर आँखें नम हो गईं और लगा कि माँ का प्यार कभी नहीं मरता।

बेटे की बेरुखी ने दिल तोड़ दिया

मैं जिसे चाँद न मिला में बेटे की बेरुखी और उसकी आँखों में छिपा दर्द देखकर लगा कि वह भी कुछ कहना चाहता है। जब वह बूढ़ी माँ को छोड़कर चला जाता है, तो लगता है जैसे वह अपने आप से भाग रहा हो। यह दृश्य इतना भावनात्मक है कि देखकर लगता है कि हर बेटे के दिल में एक माँ का दर्द छिपा होता है।

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