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मैं जिसे चाँद न मिलावां29एपिसोड

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मैं जिसे चाँद न मिला

बचपन में खोई नीरजा को एक दयालु दादी ने पाला। बीमार दादी के इलाज के लिए उसने अपना किडनी दान कर दिया। तब पता चला कि किडनी लेने वाली लड़की उसकी सौतेली बहन है और अमीर घराने की मालकिन सुमन उसकी असली माँ। माँ और भाई ने नीरजा को अपनाने से इनकार कर दिया। दुखी नीरजा को प्रो. गौरी ने गोद लिया। नीरजा अब गौरी की बेटी है – गौरी। उसने अपनी मेहनत से कैंसर की दवा बनाई और बड़ी वैज्ञानिक बनी। असली माँ और भाई बाद में पछताए, पर गौरी ने उन्हें माफ कर दिया और अपने असली घर – गौरी के घर – में ही रहने का फैसला किया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सूट वाला आदमी कौन?

काले सूट और सफेद दस्ताने पहने आदमी का आना कहानी में एक नया मोड़ लाता है। वह कौन है? क्या वह कोई अधिकारी है या परिवार का सदस्य? मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे पात्र कहानी को रहस्यमय बनाते हैं। नेटशॉर्ट पर यह सीन देखकर मैंने तुरंत कमेंट्स चेक किए।

भावनाओं का खेल

इस दृश्य में हर किरदार की आँखों में एक अलग कहानी है। युवक की हैरानी, माँ का दर्द, युवती की मुस्कान – सब कुछ इतना सजीव है कि लगता है जैसे हम वहीं मौजूद हों। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे दृश्य देखकर नेटशॉर्ट ऐप की तारीफ किए बिना नहीं रह सकता।

चुप्पी का शोर

युवक की चुप्पी और बूढ़ी माँ के रोने के बीच का अंतराल बहुत गहरा है। शब्द नहीं, बस आँसू और सन्नाटा। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे पल देखकर लगता है जैसे समय थम गया हो। नेटशॉर्ट पर यह सीन देखकर मैंने वॉल्यूम बढ़ा लिया ताकि हर आवाज सुन सकूँ।

रिश्तों की उलझन

युवक, युवती और बूढ़ी माँ के बीच के रिश्ते क्या हैं? क्या यह परिवार है या कोई और कनेक्शन? मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे सवाल दर्शकों को बांधे रखते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर यह दृश्य देखकर मैंने तुरंत दोस्तों को शेयर किया।

आखिरी विदाई

स्ट्रेचर पर लेटी युवती और उसकी माँ का आखिरी मिलन दिल को चीर देता है। बूढ़ी माँ का रोना और युवक की हैरानी – यह सब मिलकर एक त्रासदी बनाता है। मैं जिसे चाँद न मिला में ऐसे सीन्स देखकर नेटशॉर्ट ऐप पर और एपिसोड देखने के लिए मजबूर हो जाता हूँ।

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