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मैं जिसे चाँद न मिलावां17एपिसोड

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मैं जिसे चाँद न मिला

बचपन में खोई नीरजा को एक दयालु दादी ने पाला। बीमार दादी के इलाज के लिए उसने अपना किडनी दान कर दिया। तब पता चला कि किडनी लेने वाली लड़की उसकी सौतेली बहन है और अमीर घराने की मालकिन सुमन उसकी असली माँ। माँ और भाई ने नीरजा को अपनाने से इनकार कर दिया। दुखी नीरजा को प्रो. गौरी ने गोद लिया। नीरजा अब गौरी की बेटी है – गौरी। उसने अपनी मेहनत से कैंसर की दवा बनाई और बड़ी वैज्ञानिक बनी। असली माँ और भाई बाद में पछताए, पर गौरी ने उन्हें माफ कर दिया और अपने असली घर – गौरी के घर – में ही रहने का फैसला किया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

अस्पताल का तनावपूर्ण माहौल

इस एपिसोड में मैं जिसे चाँद न मिला ने अस्पताल के कमरे को तनाव का केंद्र बना दिया है। नीली धारीदार पायजामा पहने लड़कियों के बीच की दुश्मनी और बाहर से आए लोगों की चिंता साफ दिख रही है। जब वह खून से सना हाथ दिखाती है, तो लगता है कि कहानी में कोई बड़ा मोड़ आने वाला है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामा देखना बहुत मजेदार लगता है।

चमकदार जैकेट वाला युवक

मैं जिसे चाँद न मिला में जब चमकदार जैकेट वाला युवक अस्पताल के कमरे में घुसता है, तो माहौल बदल जाता है। उसकी चिंतित नजरें और उस लड़की को पकड़ने का तरीका बताता है कि वह किसी बड़ी मुसीबत में फंस गई है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामा देखना बहुत रोमांचक लगता है।

हरे सूट वाली महिला

इस सीन में मैं जिसे चाँद न मिला ने हरे सूट वाली महिला को एक महत्वपूर्ण किरदार के रूप में पेश किया है। उसकी चिंतित नजरें और उस लड़की को पकड़ने का तरीका बताता है कि वह किसी बड़ी मुसीबत में फंस गई है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामा देखना बहुत मजेदार लगता है।

खून का राज

मैं जिसे चाँद न मिला में जब वह लड़की अपना खून से सना हाथ दिखाती है, तो सबकी सांसें रुक जाती हैं। उसकी आंखों में डर और दूसरों के चेहरे पर हैरानी साफ दिख रही है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे पल देखकर लगता है कि कहानी में कोई बड़ा राज खुलने वाला है।

अंत का सस्पेंस

इस एपिसोड के अंत में मैं जिसे चाँद न मिला ने दर्शकों को एक बड़े सवाल के साथ छोड़ दिया है। क्या वह लड़की जो मुस्कुरा रही थी, वास्तव में दोस्त है या दुश्मन? नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामा देखना बहुत रोमांचक लगता है।

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