शेयर ट्रांसफर समझौते की कापी देखकर ही कहानी में तनाव शुरू हो गया। काउंटर पर खड़े सभी पात्रों के चेहरे पर अलग-अलग भाव साफ दिख रहे थे। काले कोट वाले लड़के ने जब फोन में तस्वीर दिखाई तो भूरे कोट वाले की घबराहट साफ दिखी। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे मोड़ बार बार दिल को छू लेते हैं। बाद में चाय की मेज पर बूढ़े आदमी का गुस्सा देखकर लगा कि असली खेल तो अब शुरू हुआ है। हर कोई कुछ न कुछ छिपा रहा है और सच सामने आने में समय लगेगा। यह ड्रामा बहुत रोचक है और हर पल नया रहस्य मिल रहा है।
छोटी दुकान का दृश्य बहुत वास्तविक लगा। चारों लोग एक दूसरे को घूर रहे थे। फोन के सबूत ने सब कुछ बदल दिया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की कहानी में धोखा और सच्चाई का खेल चल रहा है। बुजुर्ग व्यक्ति के प्रवेश ने माहौल को गंभीर कर दिया। उनकी आंखों में गुस्सा और हाथ में चाय का कप। लगता है कारोबार की दुनिया में रिश्ते कीमती नहीं हैं। हर पल नया रहस्य मिल रहा है और दर्शक को बांधे रखता है। यह शो देखने में बहुत अच्छा लग रहा है।
भूरे कोट वाले आदमी की एक्टिंग जबरदस्त है। उसकी आंखों में डर साफ दिख रहा था। काले कोट वाले ने बहुत हिम्मत दिखाई। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में पात्रों के बीच की केमिस्ट्री देखने लायक है। चाय पीते हुए बूढ़े आदमी ने जो कहा उसका असर सब पर हुआ। कहानी में गहराई है। हर संवाद के पीछे एक राज छिपा है। दर्शक को बांधे रखने की ताकत इस शो में है। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया।
लड़की का चेहरा देखकर लगा कि वह सब जानती है। वह चुप है पर उसकी आंखें बोल रही हैं। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में महिला किरदारों को भी अच्छे से लिखा गया है। दुकान के अंदर की लड़ाई बाहर के अमीर आदमी से जुड़ी है। पैसे और ताकत का खेल साफ दिख रहा है। मुझे यह दृश्य बहुत पसंद आया। रहस्य बना हुआ है कि आगे क्या होगा। कहानी में बहुत दम है।
कागजात पर हस्ताक्षर होने वाले थे पर रुक गए। फोन की वजह से सब रुक गया। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में छोटी चीजें बड़ा असर डालती हैं। बूढ़े आदमी का गुस्सा देखकर लगा कि अब कोई नहीं बचेगा। उसने अंगूठी पहनी है जो उसकी ताकत दिखाती है। ड्रामा बहुत तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। हर कड़ी में नया मोड़ मिल रहा है। यह शो बहुत ही शानदार है।
दो अलग-अलग जगहों का कट बहुत अच्छा था। एक तरफ दुकान तो दूसरी तरफ चाय का कमरा। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में लोकेशन का इस्तेमाल कहानी बताने के लिए हुआ है। काले कोट वाले की चुप्पी शोर मचा रही थी। भूरे कोट वाले को पसीना आ गया था। यह जंग आसान नहीं होगी। परिवार के राज बाहर आने वाले हैं। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है।
समाचार देखकर बूढ़े आदमी का रंग बदल गया। उसे धोखा हुआ है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में विश्वासघात का विषय बहुत गहराई से दिखाया गया है। युवा लड़के ने सच सामने ला दिया। अब सवाल यह है कि सजा कौन पाएगा। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है। हर किरदार अपनी जगह सही है। कहानी में बहुत गहराई है।
चश्मे वाले आदमी का प्रवेश भी रहस्यमयी था। वह सब देख रहा था। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में हर किरदार की अपनी कहानी है। दुकान के मालिक को भी पता चल गया कि कुछ गड़बड़ है। माहौल में तनाव को महसूस किया जा सकता है। यह शो बिल्कुल नया लग रहा है। दर्शक को सोचने पर मजबूर कर देता है। कहानी में बहुत दम है।
तस्वीर में लोग मीटिंग कर रहे थे। यह सबूत काफी था। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में सबूतों का खेल बहुत अच्छे से दिखाया गया है। बूढ़े आदमी ने गुस्से में उंगली उठाई। उसका अधिकार खतरे में है। कहानी में दम है और जोश भी। मैं अगली कड़ी देखने के लिए बेताब हूं। यह शो बहुत ही शानदार है।
अंत में जो संवाद बोला गया वह दिल को छू गया। ताकत और भावनाओं का मिश्रण। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में निर्देशन बहुत अच्छा है। रंगों का इस्तेमाल भी मनोदशा के हिसाब से हुआ है। अंधेरे दृश्य में गुस्सा ज्यादा लगा। यह शो जरूर देखना चाहिए। कहानी में बहुत गहराई है। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया।