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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनातवां1एपिसोड

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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनात

नैना वर्मा, सिंघानिया के ड्राइवर की बेटी, सात साल अद्वैत से प्रेम किया। एक रात वह उसकी गुप्त प्रेमिका बनी, दो साल सेवा की। सोनम के लौटते ही ठुकराई गई, शोध चुराया गया, सीढ़ियों से गिरा दिए जाने पर भी थप्पड़ खाया। टूटकर विदेश चली गई। तीन साल बाद नोबेल विजेता प्रोफ़ेसर आइवी बनकर लौटी। पछताता अद्वैत उसे ढूँढता है, पर वह कबीर मल्होत्रा के साथ नया जीवन जी रही है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

नैना का त्याग देखकर रुलाई आ गई

नैना का दर्द देखकर दिल रो उठा। जब इंदिरा सिंघानिया ने पैसे की बात की, तो नैना ने सब ठुकरा दिया। उसे पता था कि अद्वैत का प्यार कभी उसका नहीं था। सोनम जोशी का नाम सुनकर सब हैरान रह गए। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। अमीरी और गरीबी का फर्क बहुत गहराई से दिखाया गया है। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव बहुत भावुक रहा। नैना की चुप्पी में जो शोर था, वो लाजवाब था। हर दृश्य में एक नया दर्द छिपा है जो देखने वालों को छू जाता है।

अद्वैत की खामोशी सबसे तेज थी

अद्वैत सिंघानिया की आंखों में जो खालीपन था, वो शब्दों से बयां नहीं होता। वह फोटो देखकर बैठा था जैसे उसकी दुनिया टूट गई हो। नैना ने सच बोल दिया कि सात साल का प्यार एक तरफा था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की कहानी दिल को छू लेती है। गोपाल वर्मा की बेबसी और इंदिरा का गुस्सा दोनों ही कहीं न कहीं सही लग रहे थे। यह शो नेटशॉर्ट ऐप पर जरूर देखें। प्यार में त्याग करना कितना मुश्किल होता है, यह इस वीडियो में साफ दिखाया गया है। अंत तक देखने के बाद आंखें नम हो जाती हैं।

इंदिरा का गुस्सा या मजबूरी

इंदिरा सिंघानिया का किरदार बहुत सख्त लेकिन मजबूर दिखाया गया है। एक मां अपने बेटे के भविष्य के लिए कुछ भी कर सकती है। उसने दस लाख की बात की तो गोपाल वर्मा घबरा गए। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में परिवार की इज्जत का सवाल बहुत बड़ा था। नैना ने बिना पैसा लिए जाने का फैसला किया जो उसकी नीयत साफ करता है। नेटशॉर्ट ऐप की गुणवत्ता बहुत अच्छी है। डायलॉग बहुत भारी थे खासकर जब नैना ने सच का सामना किया। हर एपिसोड में नया मोड़ आता है जो बांधे रखता है।

सोनम जोशी का नाम और सन्नाटा

जब नैना ने सोनम जोशी का नाम लिया, तो कमरे में सन्नाटा छा गया। अद्वैत को लगा कोई नहीं समझता उसका दर्द, पर नैना सब जानती थी। सात साल का रिश्ता और दो साल का प्यार सब झूठा साबित हुआ। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में यह मोड़ बहुत तेज था। विदेश जाने का फैसला नैना की मजबूरी थी। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज चर्चा में है। अभिनय इतना असली लगा कि लगा हम वहीं मौजूद हैं। प्यार में धोखा मिलना सबसे बड़ा दर्द होता है जो यहां दिखाया गया।

गोपाल वर्मा की बेबसी

गोपाल वर्मा का किरदार बहुत दर्दनाक था। वह नौकर था और उसकी बेटी पर आरोप लगे। इंदिरा मैडम के सामने वह कुछ बोल नहीं पाए। नैना ने पिता का मान बचाया और खुद सब संभाला। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में अमीरी गरीबी का फर्क बहुत बारीकी से दिखाया गया है। नेटशॉर्ट ऐप पर वीडियो देखते वक्त लगा कि यह कहानी हमारे समाज की है। ड्राइवर की बेटी और मालिक के बेटे का प्यार हमेशा अधूरा रहता है। यह सच्चाई बहुत कड़वी है पर असली है।

फोटो और यादों का दर्द

फोटो देखने का सीन बहुत भावनात्मक था। अद्वैत जमीन पर बैठा पुरानी यादों को संजो रहा था। नैना दरवाजे पर खड़ी सब देख रही थी पर अंदर नहीं गई। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ये खामोशी बहुत शोर मचा रही थी। बिना डायलॉग के ही सब कुछ समझ आ गया। नेटशॉर्ट ऐप का इंटरफेस बहुत सरल है। दृश्य और संगीत ने माहौल बना दिया। प्यार में कभी सिर्फ कोशिश करने से कुछ नहीं होता, यह लाइन दिल पर लग गई। बहुत ही गजब की कहानी है।

पैसा नहीं इज्जत चाहिए थी

नैना ने कहा कि उसे पैसा नहीं चाहिए, बस वह चली जाएगी। यह डायलॉग बहुत प्रभावशाली था। उसने अपनी इज्जत को पैसों से ऊपर रखा। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में किरदारों की गहराई बहुत अच्छी है। इंदिरा की नजरों में भी डर था कि कहीं बेटा टूट न जाए। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसी कहानियां कम ही मिलती हैं। नैना की आंखों में आंसू थे पर आवाज में कांप नहीं थी। यह हिम्मत हर किसी में नहीं होती। सच्चा प्यार त्याग में ही दिखाई देता है।

सात साल का हिसाब

सात साल का एक तरफा प्यार और दो साल का रिश्ता, यह गणित बहुत दर्दनाक था। नैना ने हिसाब लगा लिया कि उसका क्या हिस्सा था। अद्वैत शुरू से अंत तक सोनम को ही चाहता था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में समय का खेल बहुत अच्छा लगा। नेटशॉर्ट ऐप पर लगातार देखने का मन करता है। हर सीन में नई जानकारी मिलती है। जो लोग रोमांटिक ड्रामा पसंद करते हैं, उनके लिए यह श्रेष्ठ है। कहानी में दम है और अभिनय में जान है।

ऑफिस का तनावपूर्ण माहौल

ऑफिस का माहौल बहुत तनावपूर्ण था। सब लोग खड़े थे और इंदिरा कुर्सी पर बैठी थी। यह ताकत का फर्क साफ दिखाई दे रहा था। नैना और गोपाल खड़े हुए थे जैसे आरोपी हों। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में सेट डिजाइन बहुत असली है। नेटशॉर्ट ऐप पर वीडियो अच्छी गुणवत्ता में चलता है। रोशनी और परछाई का इस्तेमाल माहौल के हिसाब से हुआ है। जब नैना ने सच बोला तो रोशनी भी फीकी पड़ गई लग रहा था। बहुत ही खूबसूरत तरीके से दुख दिखाया गया है।

दरवाजा बंद और कहानी खत्म

यह वीडियो देखने के बाद मन बहुत भारी हो गया। नैना की कहानी हर उस लड़की की है जो चुपचाप प्यार करती है। अद्वैत को सच का पता चला तो वह टूट गया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात ने दिल जीत लिया है। नेटशॉर्ट ऐप पर रोज नए एपिसोड आते हैं जो इंतजार कराते हैं। अंत में नैना का दरवाजा बंद करना उसकी कहानी का अंत था। प्यार में जीत और हार नहीं होती, बस यादें रह जाती हैं। यह सीख इस शो से मिलती है।