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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनातवां47एपिसोड

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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनात

नैना वर्मा, सिंघानिया के ड्राइवर की बेटी, सात साल अद्वैत से प्रेम किया। एक रात वह उसकी गुप्त प्रेमिका बनी, दो साल सेवा की। सोनम के लौटते ही ठुकराई गई, शोध चुराया गया, सीढ़ियों से गिरा दिए जाने पर भी थप्पड़ खाया। टूटकर विदेश चली गई। तीन साल बाद नोबेल विजेता प्रोफ़ेसर आइवी बनकर लौटी। पछताता अद्वैत उसे ढूँढता है, पर वह कबीर मल्होत्रा के साथ नया जीवन जी रही है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

प्यार की पागलपन भरी दौड़

जब एडिट ने नायना को दूसरी गाड़ी में देखा तो उसका गुस्सा साफ़ दिख रहा था। उसने बिना सोचे समझे पीछा किया। यह दृश्य दिल को छू लेने वाला था। डबिंग तुम थे मेरी कायनात में ऐसे मोड़ बार बार देखने को मिलते हैं। हर पल नया रहस्य बना रहता है। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है।

नायना की उदासी क्यों

नायना की आँखों में आँसू थे पर वह चुप रही। शायद उसे मजबूरी थी। एडिट की बातें कड़वी लग रही थीं पर सच्ची थीं। इस शो की कहानी बहुत गहरी है। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मज़ा ही अलग है। काश वह सब समझ पाते। डबिंग तुम थे मेरी कायनात देखने लायक है।

नीली पोर्श और गुस्सा

एडिट का नीली गाड़ी में चढ़ना और दोस्तों को चुप कराना बताता है कि वह कितना परेशान है। कार्रवाई और नाटक का सही मिश्रण है। डबिंग तुम थे मेरी कायनात की वजह से मेरा दिन बन गया। ऐसे किरदार हमें पसंद आते हैं। हर सीन में जान है।

सफ़ेद सूट वाले की एंट्री

वह आदमी बहुत शांत था जबकि एडिट चिल्ला रहा था। यह अंतर बहुत अच्छा लगा। नायना के बीच में फंसने का दुख था। कहानी में उतार चढ़ाव बना हुआ है। मुझे यह सीरीज बहुत पसंद आ रही है। डबिंग तुम थे मेरी कायनात का जादू चल रहा है।

गलतफहमी का खेल

पहले दूर रहने को कहा अब पास आने को कह रहे हैं। नायना भ्रमित है। यह प्रेम त्रिकोण बहुत रोचक है। डबिंग तुम थे मेरी कायनात में ऐसे मोड़ आम बात हैं। हर कड़ी के बाद बेचैनी बढ़ती है। क्या होगा आगे?

एडिट का जुनून

उसने अपनी प्रतिष्ठा की भी परवाह नहीं की। बस नायना को रोकना चाहता था। यह समर्पण देखकर अच्छा लगा। अभिनय बहुत प्राकृतिक लग रहा था। मुझे ऐसे नाटक देखना पसंद है। डबिंग तुम थे मेरी कायनात में भावनाएं साफ़ हैं।

गाड़ियों का शौक और प्यार

महंगी गाड़ियां और अमीराना जीवन शैली दिखाई गई है। पर असली दौड़ प्यार की है। एडिट की स्पीड देखकर डर लगा। डबिंग तुम थे मेरी कायनात का निर्माण स्तर ऊंचा है। दृश्य बहुत सुंदर हैं। देखने में मज़ा आता है।

दोस्तों की सलाह अनसुनी

जब दोस्तों ने रोका तो उसने नहीं सुना। प्यार में अंधा होना आम बात है। यह सीन बहुत असली लगा। नायना का चेहरा सब बता रहा था। कहानी आगे क्या होगी यह जानना है। डबिंग तुम थे मेरी कायनात का इंतज़ार रहेगा।

संवादों की ताकत

संवाद बहुत भारी थे। तुम इतनी आसानी से किसी और की गाड़ी में बैठ गईं। यह लाइन दिल पर लगी। डबिंग तुम थे मेरी कायनात के संवाद याद रह जाते हैं। कलाकारों ने जान डाल दी है। हर शब्द असर करता है।

अंत क्या होगा

एडिट गुस्से में चला गया। नायना अकेली रह गई। यह अधूरा अंत बहुत तंग करता है। जल्दी अगला भाग चाहिए। नेटशॉर्ट पर ऐसे धारावाहिक मिलना दुर्लभ है। सबको देखना चाहिए। डबिंग तुम थे मेरी कायनात बेहतरीन है।