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आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मतवां44एपिसोड

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आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत

वीर सिंह जेल से जल्दी रिहा होकर भाई ध्रुव और भाभी प्रिया के साथ लौटा। रास्ते में अनिका रेड्डी की कार से टक्कर हो गई। अनिका ने पचास हज़ार रुपये की माँग कर दी। तारा को हॉस्पिटल पहुँचाने के लिए वीर रुक गया। उसने अनिका और उसके साथियों को हराया और उनका सहायक यश मल्होत्रा को बुलवाया। यश ने प्रिया को मुआवज़ा माँगा, जिससे वीर भड़क गया। फिर अर्जुन राठौर अपने लोगों के साथ आया। वीर ने अकेले ही सबको हरा दिया। तभी चेयरमैन शौर्य मल्होत्रा ने वीर को पहचानकर उसकी मदद की
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इस एपिसोड की समीक्षा

रात का राज़

रात के अंधेरे में गाड़ी का आना ही सस्पेंस बढ़ा देता है। सूट वाले की एंट्री देखकर लगता है कोई बड़ा डील होने वाला है। वेस्ट वाले लड़के के चेहरे पर चिंता साफ दिख रही थी। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। काश पता चलता उस फोल्डर में क्या था। यह सीन बताता है कि रात के समय होने वाले सौदे कितने खतरनाक हो सकते हैं। मुझे यह ड्रामा बहुत पसंद आ रहा है।

फोल्डर में क्या था

डॉक्यूमेंट्स का लेनदेन हमेशा कहानी में ट्विस्ट लाता है। सूट वाले आदमी की आँखों में गुस्सा और वेस्ट वाले की मजबूरी साफ झलक रही थी। रात के सन्नाटे में यह मुलाकात किसी तूफान की शुरुआत लगती है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की स्टोरीलाइन बहुत गहरी लग रही है। अगला एपिसोड देखने की बेचैनी बढ़ गई है। हर डायलॉग के पीछे एक राज़ छिपा हुआ लगता है। बहुत ही शानदार प्रदर्शन था।

टेंशन वाला सीन

एक्टिंग बहुत नेचुरल है, खासकर वेस्ट वाले किरदार की। जब उसने फाइल खोली तो उसके हाथ कांप रहे थे। सूट वाला शख्स बहुत डोमिनेंट लग रहा था। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में पावर डायनामिक बहुत अच्छे दिखाए गए हैं। रात की लाइटिंग ने सीन को और ड्रामेटिक बना दिया है। कैमरा एंगल भी बहुत सही चुने गए हैं। मुझे यह सीन बहुत प्रभावित कर गया है।

सूट वाले की एंट्री

कार की हेडलाइट्स और पीछे की बिल्डिंग का व्यू बहुत सिनेमेटिक था। दो लोगों के बीच की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। फोल्डर सौंपते वक्त जो टेंशन थी वह लाजवाब थी। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत जैसे शो में ऐसे ही सीन चाहिए। अंत में जो इफेक्ट आया वह किसी सुपरपावर की ओर इशारा करता है। यह सीन यादगार बन गया है। डायरेक्शन बहुत अच्छा है।

ड्रामे की शुरुआत

बिना डायलॉग के ही आधी कहानी समझ आ गई। सूट वाले की बॉडी लैंग्वेज से लगता है वह ऊपर वाला आदमी है। वेस्ट वाला लड़का किसी दबाव में काम कर रहा है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत का प्लॉट बहुत पेचीदा लग रहा है। रात के समय यह मिलना किसी साजिश से कम नहीं लग रहा था। मुझे अगला पार्ट कब आएगा इसका इंतजार है। कहानी बहुत रोचक है।

खतरनाक मुलाकात

क्लोज़अप शॉट्स में एक्सप्रेशन बहुत गहरे थे। सूट वाले के चश्मे के पीछे की चालाकी देखने लायक थी। वेस्ट वाले ने कागजात देखकर जो रिएक्शन दिया वह कहानी बदल सकता है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में हर सीन में कुछ नया छिपा है। मुझे लगता है अब खेल गर्म होने वाला है। डायरेक्टर ने बहुत मेहनत की है। यह वेब सीरीज हिट होगी।

सस्पेंस बढ़ गया

यह सीन किसी बड़े क्लाइमेक्स की तैयारी लग रहा था। गाड़ी का रुकना और आदमी का उतरना बहुत स्टाइलिश था। फाइल में क्या राज़ हैं यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की वजह से मैं रात भर जाग सकता हूँ। डायरेक्शन और एक्टिंग दोनों ही शानदार हैं। यह वेब सीरीज बहुत आगे जाएगी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा है।

एक्टिंग कमाल की

वेस्ट वाले लड़के की आँखों में डर और गुस्सा दोनों थे। सूट वाला आदमी बहुत कूल बना हुआ था। उनके बीच की दूरी और बातचीत का तरीका बहुत दिलचस्प था। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में रिश्तों की खींचतान बहुत अच्छे से दिखाई गई है। अंत वाला विजुअल इफेक्ट चौंकाने वाला था। मुझे यह ट्विस्ट बहुत पसंद आया। कहानी आगे बढ़ रही है।

कहानी में ट्विस्ट

रात के सन्नाटे में यह मुलाकात किसी एक्शन मूवी से कम नहीं थी। फोल्डर के एक्सचेंज ने पूरी कहानी का रुख मोड़ दिया है। सूट वाले की पिन और टाई बहुत अमीराना लग रही थी। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में किरदारों की ड्रेसिंग भी कहानी कहती है। अब आगे क्या होगा यह देखना बाकी है। बहुत ही रोमांचक सीन था। मुझे पसंद आया।

अंत वाला इफेक्ट

हर फ्रेम में एक रहस्य छिपा हुआ है। वेस्ट वाले के चेहरे पर जो बदलाव आए वह बहुत बारीकी से पकड़े गए हैं। सूट वाले का अंदाज बहुत रौबदार था। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत जैसे सीरीज में ऐसे ही ट्विस्ट चाहिए। मुझे लगता है यह फाइल किसी की जिंदगी बदलने वाली है। कहानी बहुत गहरी होती जा रही है। मैं फैन बन गया हूँ।