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आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मतवां11एपिसोड

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आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत

वीर सिंह जेल से जल्दी रिहा होकर भाई ध्रुव और भाभी प्रिया के साथ लौटा। रास्ते में अनिका रेड्डी की कार से टक्कर हो गई। अनिका ने पचास हज़ार रुपये की माँग कर दी। तारा को हॉस्पिटल पहुँचाने के लिए वीर रुक गया। उसने अनिका और उसके साथियों को हराया और उनका सहायक यश मल्होत्रा को बुलवाया। यश ने प्रिया को मुआवज़ा माँगा, जिससे वीर भड़क गया। फिर अर्जुन राठौर अपने लोगों के साथ आया। वीर ने अकेले ही सबको हरा दिया। तभी चेयरमैन शौर्य मल्होत्रा ने वीर को पहचानकर उसकी मदद की
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इस एपिसोड की समीक्षा

शांत चेहरा और गहरा राज

इस दृश्य में मुख्य किरदार की शांति वास्तव में देखने लायक है। सामने खड़े लोग कितने भी गुस्से में क्यों न हों, वह अपनी जगह पर अडिग है। कांच के डिब्बे में रखा वो सुनहरा ड्रैगन सिर किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत नामक इस शो में हर पल एक नया मोड़ लेता है। चश्मे वाले व्यक्ति की बेचैनी साफ झलक रही है। वह कुछ कहना चाहता है पर शब्द नहीं मिल रहे। यह चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है।

ड्रैगन की ताकत या कमजोरी

वो सुनहरा ड्रैगन का सिर सिर्फ एक प्रॉप नहीं लग रहा, बल्कि कहानी की रीढ़ है। जब उसे लेकर लोग इकट्ठा हुए, तो माहौल में तनाव चरम पर था। हरे सूट वाले व्यक्ति की नजरें कुछ छिपा रही हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीन देखते वक्त लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की कहानी में यह मोड़ बहुत अहम साबित होगा। सबकी सांसें थमी हुई हैं। कोई हिल नहीं रहा है।

ग्रे सूट वाला क्यों घुटनों पर

चश्मे पहने हुए उस व्यक्ति का घुटनों पर बैठना या झुकना कई सवाल खड़े करता है। क्या वह माफ़ी मांग रहा है या कोई सौदा कर रहा है। उसकी आंखों में डर नहीं, बल्कि एक अलग ही जिद है। फ्लोरल शर्ट वाले गुंडे की हरकतें माहौल को और खराब कर रही हैं। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे किरदार हमेशा मुसीबत खड़ी करते हैं। देखना होगा अंत क्या होता है। क्या वह जीत पाएगा।

लेदर जैकेट वाली महिला का रोल

काले लेदर जैकेट और स्कार्फ वाली महिला चुपचाप सब देख रही है। उसकी खामोशी शोर मचा रही है। लगता है वह किसी बड़े खेल का हिस्सा है। जब मुख्य किरदार बात करता है, तो उसका रिएक्शन देखने लायक है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत जैसे शो में महिला किरदार अक्सर गेम चेंजर होते हैं। उसकी आंखों में आंसू या गुस्सा, कुछ तो जरूर है। वह किसी का इंतज़ार कर रही है।

पार्किंग लॉट का तनावपूर्ण माहौल

खुली जगह पर हुई यह मुलाकात किसी एक्शन मूवी से कम नहीं लगती। गाड़ियां पीछे खड़ी हैं और लोग घेरा बनाए हुए हैं। हवा में कुछ अजीब सी गंध है। मुख्य किरदार के हाथ जेब में हैं, जो उसकी बेफिक्री दिखाता है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की शूटिंग लोकेशन भी कहानी का हिस्सा बन गई है। हर कोई इंतज़ार कर रहा है कि पहली गोली कौन चलाएगा। माहौल बहुत गंभीर है।

फ्लोरल शर्ट वाले की एंट्री

सोने की चेन और फूलों वाली शर्ट पहने वह व्यक्ति कॉमेडी नहीं, खतरा लग रहा है। जब वह झुकता है, तो लगता है वह किसी की इज्जत कर रहा है या मजाक उड़ा रहा है। उसकी हंसी में छिपी खूंखारपन साफ दिख रहा है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में ऐसे विलेन हमेशा यादगार होते हैं। उसकी बॉडी लैंग्वेज से लगता है वह किसी का साथ दे रहा है। वह चुप नहीं बैठेगा।

संवादों की ताकत और चुप्पी

इस सीन में डायलॉग से ज्यादा खामोशी बोल रही है। जब मुख्य किरदार मुस्कुराता है, तो सामने वालों के होश उड़ जाते हैं। चश्मे वाले व्यक्ति के चेहरे के भाव हर सेकंड बदल रहे हैं। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत की स्क्रिप्ट बहुत मजबूत लग रही है। बिना शोर मचाए जो बात कही गई, वह हजार चीखों से भारी है। यह कलाकारी देखने लायक है। सब हैरान हैं।

हरे सूट वाले की चाल

गहरे हरे सूट वाला व्यक्ति पीछे खड़ा होकर सब कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा है। उसकी नजरें सीधी मुख्य किरदार पर टिकी हैं। वह न तो आगे बढ़ रहा है न पीछे हट रहा है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत में यह किरदार किसी मास्टरमाइंड जैसा लग रहा है। उसकी पोजीशन बताती है कि वह असली ताकतवर हो सकता है। सबकी नजरें उसी पर हैं। वह क्या सोच रहा है।

भावनाओं का टकराव और ड्रामा

हर किरदार के चेहरे पर अलग-अलग भावनाएं साफ दिख रही हैं। कोई गुस्से में है, कोई डरा हुआ है, तो कोई शांत है। यह इमोशनल रोलरकोस्टर दर्शकों को बांधे रखता है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत जैसे शो में यही तो चाहिए होता है। जब ड्रैगन की मूर्ति सामने आई, तो सबकी सांसें रुक गईं। यह पल सिनेमाटोग्राफी का कमाल है। बहुत सुंदर शॉट हैं।

अगले एपिसोड की उम्मीदें

इस सीन के बाद यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई कि आगे क्या होगा। क्या ड्रैगन की मूर्ति वापस जाएगी या युद्ध छिड़ेगा। मुख्य किरदार की मुस्कान में एक राज छिपा है। आज छूटा हूँ, आज ही उलझा मत का अगला पार्ट देखने के लिए मैं बेताब हूँ। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट मिलना सुकून देता है। कहानी में दम है और किरदारों में जान है। मैं इंतज़ार कर रहा हूँ।