PreviousLater
Close

वैद्य भी, योद्धा भीवां77एपिसोड

2.0K2.0K

वैद्य भी, योद्धा भी

परम योद्धा आरव सिंह अपने शुद्ध तेज शरीर के कारण नींव स्तर के शिखर पर अटका था। उसके गुरु साधक ने उसे उस लड़की को खोजने का आदेश दिया जिसके शरीर पर "रहस्यमयी निशान" हो, ताकि वह अपनी रुकावट तोड़ सके। गुरु ने उसकी गुरु बहनों को भी मदद करने भेजा। पहाड़ से उतरने की उसी रात, आरव की मुलाकात चंद्र ग्रुप की सीईओ तारा चंद्र से हुई। वह उसका बॉयफ्रेंड बन गया और उसकी सहेलियों की रक्षा करने लगा। अपनी चिकित्सा और युद्ध कला के दम पर, आरव ने दुश्मनों को मुँह की खाई और जिंदगी की सबसे ऊँची सीढ़ी पर पहुँच गया।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

शक्तिशाली टकराव

इस दृश्य में महिला की अलौकिक शक्ति देखकर सच में हैरानी हुई। बैंगनी ऊर्जा का दृश्य प्रभाव बहुत शानदार था। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में यह मोड़ बहुत रोमांचक है। बूढ़े आदमी की प्रतिक्रिया ने माहौल में तनाव बढ़ा दिया। सब लोग स्तब्ध खड़े थे। काश यह दृश्य और लंबा होता। दर्शक भी हैरान थे।

सफेद मास्क का रहस्य

सफेद मास्क वाली महिला कौन है? यह सवाल दिमाग में घूम रहा है। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे रहस्य बहुत पसंद आए। उसने जो फोटो दिखाई उसका क्या मतलब है? अंधेरे कमरे का दृश्य बहुत डरावना था। मुझे अगली कड़ी देखने की जल्दी है। कहानी में गहराई है।

बूढ़े व्यक्ति का डर

नीली कमीज़ वाले बूढ़े व्यक्ति का डर साफ दिख रहा था। पहले वह गुस्से में थे फिर घबरा गए। वैद्य भी, योद्धा भी की कथा में यह बदलाव अच्छा लगा। पहिएदार कुर्सी वाले लड़के की चीख भी दिल दहला देने वाली थी। सब कुछ बहुत तेजी से बदल रहा है। माहौल गर्म था।

काली जैकेट वाली लड़की

काली जैकेट वाली नायिका बहुत मजबूत लग रही थी। उसने बिना डरे सामने वालों का सामना किया। वैद्य भी, योद्धा भी में उसका किरदार बहुत प्रभावशाली है। जब वह गिर गई तो दर्शकों को चोट लगी। उसकी आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। वह अकेली लड़ी।

सभा कक्ष का हंगामा

इस बड़े सभा कक्ष में इतनी भगदड़ देखकर हैरानी हुई। सब लोग हैरान थे कि क्या हो रहा है। वैद्य भी, योद्धा भी का फिल्मांकन स्थल बहुत भव्य है। लाल गलीचे पर हुई लड़ाई ने सबका ध्यान खींच लिया। हर किसी के चेहरे पर सवाल थे। माहौल खौफनाक था।

तस्वीर का राज

उस तस्वीर में कौन था? यह जानने के लिए मैं बेताब हूं। वैद्य भी, योद्धा भी में हर छोटी चीज मायने रखती है। मास्क वाली औरत ने उसे क्यों दिखाया? शायद यह बदले की कहानी है। पुराने जख्म फिर से हरे हो गए हैं। राज खुलने वाले हैं।

जादुई रोशनी का प्रभाव

हाथों से निकलने वाली बैंगनी रोशनी बहुत अद्भुत थी। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे दृश्य प्रभाव उम्मीद से बेहतर हैं। जब उसने हमला किया तो हवा में कंपन हुआ। यह कोई साधारण लड़ाई नहीं लग रही थी। सब कुछ अलौकिक लग रहा था। कला अच्छी है।

कुर्सी वाला पात्र

सफेद पोशाक वाले लड़के की प्रतिक्रिया बहुत नाटकीय थी। वह कुर्सी पर था फिर भी चिल्ला रहा था। वैद्य भी, योद्धा भी में उसकी भूमिका क्या है? शायद वह सब कुछ जानता है। उसकी आंखों में डर और गुस्सा दोनों थे। वह महत्वपूर्ण है।

भीड़ की प्रतिक्रिया

पीछे खड़े लोग भी हैरान थे कि क्या हो रहा है। वैद्य भी, योद्धा भी में भीड़ का प्रतिक्रिया असली लगता है। जब ऊर्जा फटी तो सबने मुंह ढक लिया। यह दृश्य बहुत ही नाटकीय था। मुझे यह शैली बहुत पसंद आया। माहौल तनावपूर्ण था। सबकी सांसें रुकी थीं।

अंत का सस्पेंस

कड़ी के अंत में जो रहस्य छोड़ा गया वह जबरदस्त था। वैद्य भी, योद्धा भी का अगला भाग कब आएगा? उस आदमी के मुंह से खून निकल रहा था। कहानी अब बहुत गहरी होती जा रही है। मैं इंतजार नहीं कर सकता। रोमांच बढ़ गया। नया मोड़ आएगा।