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वैद्य भी, योद्धा भीवां43एपिसोड

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वैद्य भी, योद्धा भी

परम योद्धा आरव सिंह अपने शुद्ध तेज शरीर के कारण नींव स्तर के शिखर पर अटका था। उसके गुरु साधक ने उसे उस लड़की को खोजने का आदेश दिया जिसके शरीर पर "रहस्यमयी निशान" हो, ताकि वह अपनी रुकावट तोड़ सके। गुरु ने उसकी गुरु बहनों को भी मदद करने भेजा। पहाड़ से उतरने की उसी रात, आरव की मुलाकात चंद्र ग्रुप की सीईओ तारा चंद्र से हुई। वह उसका बॉयफ्रेंड बन गया और उसकी सहेलियों की रक्षा करने लगा। अपनी चिकित्सा और युद्ध कला के दम पर, आरव ने दुश्मनों को मुँह की खाई और जिंदगी की सबसे ऊँची सीढ़ी पर पहुँच गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

फोन कॉल का असर

इस दृश्य में तनाव साफ झलकता है जब अचानक फोन की घंटी बजती है। नायक के चेहरे पर घबराहट देखकर लगता है कि वह कुछ बहुत बड़ा छिपा रहा है। गुलाबी पोशाक वाली लड़की की मासूमियत दिल को छू लेती है, उसे अभी तक सच्चाई का पता नहीं है। काली पोशाक वाली महिला की मुस्कान में एक अलग ही रहस्य छिपा है जो खतरनाक लग रहा है। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में यह मोड़ बहुत ही रोमांचक और अप्रत्याशित है। दर्शक के रूप में मैं यह जानने के लिए उत्सुक हूं कि आगे क्या होगा। क्या पत्नी का फोन सब कुछ बदल देगा? यह सस्पेंस बनाए रखना बहुत कठिन है लेकिन यहीं तो असली मजा है।

गुलाबी पोशाक वाली की मासूमियत

गुलाबी रंग की पोशाक पहने नायिका की अभिव्यक्ति बहुत ही शानदार है। जब उसे पता चलता है कि फोन किसका है, तो उसकी आंखों में सवाल उभर आते हैं। नायक की हकलाने की आदत उसे और भी संदिग्ध बना देती है। इस शो वैद्य भी, योद्धा भी में हर किरदार की अपनी एक अलग पहचान है। कमरे में मौजूद अन्य लोग भी इस नाटक का हिस्सा लगते हैं। बुजुर्ग व्यक्ति का गुस्सा देखकर लगता है कि अब खेल बिगड़ने वाला है। मुझे यह देखना पसंद आ रहा है कि कैसे एक साधारण रात का खाना एक बड़े संघर्ष में बदल जाता है। यह कहानी हमें रिश्तों की बारीकियों को समझाती है।

काली साड़ी वाली का रहस्य

काली साड़ी वाली महिला का किरदार सबसे ज्यादा दिलचस्प लग रहा है। वह चुपचाप सब कुछ देख रही है जैसे उसे सब कुछ पहले से पता हो। उसकी आंखों में एक चमक है जो शायद बदले की आग है। वैद्य भी, योद्धा भी के इस एपिसोड में ड्रामा अपने चरम पर है। नायक को अब अपने झूठ का सामना करना पड़ेगा। फोन पर बात करने वाली पत्नी की आवाज में भी गुस्सा साफ झलकता है। सेट डिजाइन बहुत ही आलीशान है जो अमीर परिवार की कहानी को दर्शाता है। हर डायलॉग के बाद माहौल और भी तनावपूर्ण होता जाता है। मैं अगले भाग का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं।

सन्नाटे का शोर

जब नायक ने फोन उठाया तो पूरे कमरे में सन्नाटा छा गया। यह चुप्पी शोर से ज्यादा डरावनी थी। गुलाबी वाली लड़की को धोखा मिल रहा है यह साफ है। वैद्य भी, योद्धा भी की स्क्रिप्ट बहुत ही मजबूत है जो दर्शकों को बांधे रखती है। नायक की घबराहट असली लगती है, शायद वह अभिनय नहीं कर रहा। पत्नी का फोन टाइमिंग पर आया जैसे किसी ने प्लान किया हो। पीछे खड़े गनमैन जैसे लोग माहौल को और भी गंभीर बना रहे हैं। यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं बल्कि एक बड़ी साजिश लगती है। मुझे यह पता लगाना है कि असली विलेन कौन है।

बुजुर्ग की प्रतिक्रिया

बुजुर्ग व्यक्ति की प्रतिक्रिया ने सबका ध्यान खींच लिया। उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं जब सच्चाई सामने आई। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे सीन बार-बार देखने को नहीं मिलते। नायक अब फंस चुका है और उसके पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा। गुलाबी पोशाक वाली लड़की अब क्या फैसला लेगी यह देखना बाकी है। क्या वह माफ कर देगी या बदला लेगी? कहानी में भावनाओं का ऐसा भंवर है कि दर्शक भी खुद को उसमें पाते हैं। संगीत और बैकग्राउंड स्कोर भी बहुत ही सटीक है। यह शो मेरी पसंदीदा लिस्ट में शामिल हो गया है।

बिना डायलॉग की कहानी

इस शो की खासियत है कि यह बिना ज्यादा डायलॉग के कहानी कह देता है। चेहरे के हावभाव सब कुछ बता रहे हैं। वैद्य भी, योद्धा भी के निर्देशक ने कैमरा एंगल्स का बहुत अच्छा इस्तेमाल किया है। जब नायक ने फोन स्क्रीन दिखाई तो झटका लगा। पत्नी का नाम देखकर सबकी सांसें रुक गईं। काली पोशाक वाली महिला की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। यह मानसिक युद्ध बहुत ही रोमांचक है। मुझे लगता है कि यह लड़की नायक की पूर्व प्रेमिका हो सकती है। कहानी में कई परतें हैं जो धीरे-धीरे खुल रही हैं। यह एक बेहतरीन थ्रिलर ड्रामा साबित हो रहा है।

दोहरी जिंदगी का सच

नायक की दोहरी जिंदगी अब खुलने वाली है यह साफ हो गया है। गुलाबी वाली लड़की की मासूमियत उसे कहीं की नहीं छोड़ेगी। वैद्य भी, योद्धा भी में दिखाए गए रिश्ते बहुत ही जटिल हैं। फोन कॉल ने सब कुछ पलट कर रख दिया। अब नायक को दोनों महिलाओं के बीच संतुलन बनाना होगा जो नामुमकिन लग रहा है। कमरे का माहौल बहुत ही भारी हो गया है। हर कोई नायक को घूर रहा है जैसे वह अपराधी हो। यह सस्पेंस बनाए रखना आसान नहीं है। मैं नेटशॉर्ट ऐप पर इस सीरीज को फॉलो कर रही हूं। आगे की कहानी और भी दिलचस्प होने वाली है।

हर किरदार की कहानी

इस दृश्य में हर किरदार की अपनी एक अलग कहानी है। नायक की घबराहट, गुलाबी वाली की उलझन और काली वाली की चालाकी। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में यह मोड़ बहुत ही महत्वपूर्ण है। फोन की घंटी ने जैसे बम फोड़ दिया हो। पत्नी की आवाज सुनकर नायक का रंग उड़ गया। यह साबित करता है कि झूठ की पैरें छोटी होती हैं। बुजुर्ग व्यक्ति का गुस्सा आने वाले तूफान का संकेत है। मुझे यह देखना पसंद है कि कैसे एक छोटी सी गलती बड़ी मुसीबत बन जाती है। यह शो जीवन की सच्चाइयों को भी दर्शाता है।

भावनाओं का भंवर

नायिका की आंखों में आंसू नहीं लेकिन सवाल हैं जो ज्यादा दर्दनाक लग रहे हैं। वैद्य भी, योद्धा भी में भावनाओं को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। नायक अब अपने किए की सजा भुगतने वाला है। काली पोशाक वाली महिला शायद इस सबकी मास्टरमाइंड है। उसकी मुस्कान में एक अजीब सी जीत है। फोन कॉल के बाद का सन्नाटा सबसे ज्यादा भारी था। यह शो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है। क्या रिश्तों में विश्वास करना आज के समय में मुश्किल है? मुझे यह ड्रामा बहुत ही रिलेटेबल लगा। हर एपिसोड के बाद उत्सुकता बढ़ती जाती है।

क्लाइमेक्स की शुरुआत

अंत में जब बुजुर्ग व्यक्ति चिल्लाया तो लगता है कि अब सीमा पार हो गई है। वैद्य भी, योद्धा भी का यह क्लाइमेक्स बहुत ही दमदार है। नायक के पास अब बचने का कोई रास्ता नहीं बचा है। गुलाबी वाली लड़की अब शायद उसे छोड़ देगी। यह कहानी हमें सिखाती है कि सच्चाई कभी छिपती नहीं है। फोन की स्क्रीन पर नाम देखकर सबका शक यकीन में बदल गया। सेटिंग और कपड़े भी बहुत ही शानदार हैं। यह एक पूरी पैकेज एंटरटेनमेंट है। मैं सभी को यह शो देखने की सलाह दूंगी। आगे क्या होगा यह जानना जरूरी है।