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वैद्य भी, योद्धा भीवां44एपिसोड

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वैद्य भी, योद्धा भी

परम योद्धा आरव सिंह अपने शुद्ध तेज शरीर के कारण नींव स्तर के शिखर पर अटका था। उसके गुरु साधक ने उसे उस लड़की को खोजने का आदेश दिया जिसके शरीर पर "रहस्यमयी निशान" हो, ताकि वह अपनी रुकावट तोड़ सके। गुरु ने उसकी गुरु बहनों को भी मदद करने भेजा। पहाड़ से उतरने की उसी रात, आरव की मुलाकात चंद्र ग्रुप की सीईओ तारा चंद्र से हुई। वह उसका बॉयफ्रेंड बन गया और उसकी सहेलियों की रक्षा करने लगा। अपनी चिकित्सा और युद्ध कला के दम पर, आरव ने दुश्मनों को मुँह की खाई और जिंदगी की सबसे ऊँची सीढ़ी पर पहुँच गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तनावपूर्ण फोन कॉल

सूट वाले आदमी का चेहरा बहुत तनावपूर्ण लग रहा था। फोन पर बात करते हुए उनकी आंखों में चिंता साफ दिख रही थी। लगता है कोई बड़ा खतरा होने वाला है। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में यह रहस्य बहुत गहरा है। मुझे यह देखकर अच्छा लगा कि कैसे साधारण बातचीत में भी डर दिखाया गया है। काश अगली कड़ी जल्दी आए।

जादुई महिला का रूप

काली साड़ी वाली महिला बहुत खूबसूरत और रहस्यमयी लग रही थी। उसने फोन पर कुछ जरूरी बात की और फिर अचानक जादू किया। बैंगनी रंग की ऊर्जा उसके हाथों में थी। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे दृश्य बहुत प्रभावशाली लगते हैं। यह कार्यक्रम सिर्फ नाटक नहीं बल्कि कल्पना भी है। मुझे इसका दृश्य प्रभाव बहुत पसंद आया।

खामोश डायनिंग टेबल

खाने की मेज पर सब लोग चुप क्यों बैठे हैं। माहौल में इतनी खामोशी है कि डर लग रहा है। नीली पोशाक वाली लड़की परेशान लग रही थी। वैद्य भी, योद्धा भी के इस दृश्य में तनाव बहुत अच्छे से दिखाया गया है। बिना बोले ही सब कुछ समझ आ रहा है कि परिवार में कुछ गड़बड़ है। यह कार्यक्रम सच में दिलचस्प है।

युवा लड़के की उलझन

युवा लड़का मेज पर गुस्से में क्यों है। उसे कुछ बात समझ नहीं आ रही थी। शायद वह इस जादू की दुनिया से अनजान है। वैद्य भी, योद्धा भी में किरदारों के बीच का संघर्ष बहुत असली लगता है। हर किसी का अपना राज है। मुझे यह पता लगाना है कि आखिर चल क्या रहा है इन सबके बीच।

तेज कहानी की रफ्तार

फोन बातचीत से लेकर जादू तक का सफर बहुत तेज था। कहानी कहीं भी बोर नहीं होती है। हर प्रसंग में कुछ नया होता है। वैद्य भी, योद्धा भी की रफ्तार बहुत अच्छी है। दर्शक के रूप में मुझे हर पल कुछ नया देखने को मिल रहा है। यह कार्यक्रम मेरी उम्मीदों पर खरा उतर रहा है और मैं इसे देखना पसंद कर रहा हूं।

शक्तिशाली किरदार

उस महिला की आंखों में एक अलग ही चमक थी जब उसने जादू किया। वह साधारण इंसान नहीं लग रही थी। शायद वह किसी शक्तिशाली परिवार से है। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे किरदार बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। उसका व्यक्तित्व बहुत मजबूत लग रहा था। मुझे उसका किरदार सबसे ज्यादा पसंद आया इस कड़ी में।

यथार्थवादी माहौल

भोजन मेज का दृश्य बहुत यथार्थवादी लगा। ऐसे ही असली जिंदगी में भी लोग चुप हो जाते हैं जब कोई बड़ी समस्या होती है। वैद्य भी, योद्धा भी ने इस भावना को बहुत अच्छे से पकड़ा है। खाना ठंडा हो रहा था पर किसी को ध्यान नहीं था। यह विवरण बहुत मायने रखता है कहानी को समझने में।

बैंगनी रोशनी का जादू

बैंगनी रोशनी का इस्तेमाल बहुत रचनात्मक था। अंधेरे में वह रोशनी बहुत सुंदर लग रही थी। यह जादू की दुनिया का संकेत दे रहा था। वैद्य भी, योद्धा भी के दृश्य बहुत उच्च गुणवत्ता के हैं। मुझे यह देखकर हैरानी हुई कि इतनी अच्छी संपादन है। इस मंच पर यह कार्यक्रम जरूर देखना चाहिए सबको।

अधूरी कहानी का अंत

कहानी के अंत में रुकावट ने मुझे पागल कर दिया। अब मुझे अगला भाग कब तक इंतजार करना होगा। कहानी बीच में ही रुक गई है। वैद्य भी, योद्धा भी के निर्माता जानते हैं कैसे दर्शकों को बांधे रखना है। मुझे उम्मीद है कि जल्दी ही नई कड़ी आएगी और सारे राज खुलेंगे।

शानदार कार्यक्रम

कुल मिलाकर यह कड़ी बहुत शानदार थी। अभिनय से लेकर मंच सजावट तक सब कुछ उत्कृष्ट है। वैद्य भी, योद्धा भी एक बेहतरीन कार्यक्रम साबित हो रहा है। मैं हर कड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। यह कहानी मुझे बहुत पसंद आ रही है और मैं इसे अपने दोस्तों को भी बताऊंगा।