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वैद्य भी, योद्धा भीवां32एपिसोड

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वैद्य भी, योद्धा भी

परम योद्धा आरव सिंह अपने शुद्ध तेज शरीर के कारण नींव स्तर के शिखर पर अटका था। उसके गुरु साधक ने उसे उस लड़की को खोजने का आदेश दिया जिसके शरीर पर "रहस्यमयी निशान" हो, ताकि वह अपनी रुकावट तोड़ सके। गुरु ने उसकी गुरु बहनों को भी मदद करने भेजा। पहाड़ से उतरने की उसी रात, आरव की मुलाकात चंद्र ग्रुप की सीईओ तारा चंद्र से हुई। वह उसका बॉयफ्रेंड बन गया और उसकी सहेलियों की रक्षा करने लगा। अपनी चिकित्सा और युद्ध कला के दम पर, आरव ने दुश्मनों को मुँह की खाई और जिंदगी की सबसे ऊँची सीढ़ी पर पहुँच गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सत्ता का खेल और तनाव

इस दृश्य में सत्ता संतुलन बहुत तेज हैं। ब्राउन कोट वाली महिला का प्रवेश ही धांसू है। घुटनों पर बैठे लोग डरे हुए लग रहे थे। वैद्य भी, योद्धा भी जैसी श्रृंखला में ऐसी सामग्री देखना मिलता है। अभिनय बहुत स्वाभाविक है और माहौल में तनाव साफ झलकता है। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया।

आरव का संघर्ष और हिम्मत

आरव सिंह का फोन चेक करना और शेष राशि जीरो देखना दिल को छू गया। गरीबी की असली तस्वीर यह दिखाती है। फिर भी वह हिम्मत नहीं हारता। वैद्य भी, योद्धा भी में संघर्ष दिखाया गया है। सफेद जैकेट उसकी सादगी को दर्शाती है। आगे क्या होगा देखने को उत्सुक हूं।

तनीषा की प्यारी एंट्री

तनीषा गुप्ता का प्रवेश बहुत प्यारा था। गुलाबी पोशाक में वह किसी परी लग रही थीं। आरव के साथ उनकी बनावट अच्छी लग रही है। वैद्य भी, योद्धा भी जैसे नाटक में प्रेम कहानी भी जरूरी है। उनकी आंखों में चिंता साफ दिख रही थी। बहुत खूबसूरत दृश्य था यह।

यामिनी का खतरनाक गुस्सा

यामिनी सेन का गुस्सा देखकर डर लग रहा था। नीली ड्रेस में वह बहुत खतरनाक लग रही थीं। सहेली के लिए लड़ना अच्छी बात है। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे मोड़ देखने को मिलते हैं। उसकी शारीरिक भाषा बहुत मजबूत थी। चरमोत्कर्ष की तरफ बढ़ रहा है।

जमीन पर बैठे लोग

शुरुआत में जो दो लोग जमीन पर थे, उनका हाल देखकर तरस आया। माथे पर चोट के निशान असली लग रहे थे। वैद्य भी, योद्धा भी में एक्शन और इमोशन दोनों हैं। संवाद प्रस्तुति भी शानदार थी। ऐसे दृश्य बार बार देखने को मन करता है। बहुत ही दमदार शुरुआत है।

नेटशॉर्ट की बेहतरीन कड़ी

नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कार्यक्रम मिलना दुर्लभ है। कहानी में गहराई है और हर किरदार का अपना वजन है। वैद्य भी, योद्धा भी का नाम सुनकर ही उत्सुकता बढ़ गई। निर्माण गुणवत्ता भी बहुत अच्छी है। रोशनी और मंच सजावट लाजवाब है। बिल्कुल मिस नहीं करना चाहिए।

हाथ पकड़ने वाला पल

आरव और तनीषा के हाथ पकड़ने वाला दृश्य बहुत भावनात्मक था। बिना कुछ बोले सब कह दिया गया। वैद्य भी, योद्धा भी में रिश्तों की अहमियत दिखाई गई है। यह पल देखकर मन भर आया। उनकी दोस्ती आगे चलकर प्यार बन सकती है। बहुत ही नाजुक पल था यह।

खलनायक की दहाड़

खलनायक किरदार भी बहुत यादगार हैं। लाल कमीज वाला आदमी डरावना लग रहा था। वैद्य भी, योद्धा भी में खलनायक भी ताकतवर हैं। संघर्ष बड़ा होगा तो जीत भी बड़ी होगी। एक्शन दृश्य की उम्मीद बढ़ गई है। जल्दी अगली कड़ी आनी चाहिए।

कपड़ों का शानदार चयन

कपड़ों का चयन हर किरदार के व्यक्तित्व को दर्शाता है। ब्राउन, पिंक और ब्लू रंग का संयोजन अच्छा था। वैद्य भी, योद्धा भी में फैशन भी देखा जा सकता है। परिधान और कहानी दोनों का संतुलन है। हर दृश्य एक तस्वीर जैसा लग रहा था। बहुत ही दृश्य रूप से आकर्षक है।

अंत का रोमांचक टकराव

अंत में जो टकराव हुआ वह बहुत तेज था। यामिनी के प्रवेश ने स्थिति बदल दी। वैद्य भी, योद्धा भी में हर मोड़ पर आश्चर्य है। अब तीन लोगों के बीच क्या होगा? रहस्य बना हुआ है। रात भर जागकर देखने वाली सामग्री है यह। बिल्कुल सफल होने वाला है।