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वैद्य भी, योद्धा भीवां25एपिसोड

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वैद्य भी, योद्धा भी

परम योद्धा आरव सिंह अपने शुद्ध तेज शरीर के कारण नींव स्तर के शिखर पर अटका था। उसके गुरु साधक ने उसे उस लड़की को खोजने का आदेश दिया जिसके शरीर पर "रहस्यमयी निशान" हो, ताकि वह अपनी रुकावट तोड़ सके। गुरु ने उसकी गुरु बहनों को भी मदद करने भेजा। पहाड़ से उतरने की उसी रात, आरव की मुलाकात चंद्र ग्रुप की सीईओ तारा चंद्र से हुई। वह उसका बॉयफ्रेंड बन गया और उसकी सहेलियों की रक्षा करने लगा। अपनी चिकित्सा और युद्ध कला के दम पर, आरव ने दुश्मनों को मुँह की खाई और जिंदगी की सबसे ऊँची सीढ़ी पर पहुँच गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

आरव का जबरदस्त अंदाज

आरव सिंह का चलने का अंदाज बहुत जबरदस्त है। फ्लैशबैक में आग का दृश्य दिल दहला देने वाला था। यशोदा सिंह का प्यार ही उसकी ताकत है। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसा एक्शन पहले नहीं देखा। विलेन को सबक मिलना तय है। आरव की मुस्कान में छिरा गुस्सा साफ दिख रहा था। यह कहानी मुझे बहुत पसंद आ रही है। हर सीन में नया ट्विस्ट है। देखने में बहुत मजा आ रहा है।

बचपन का दर्दनाक सच

दस साल पहले की आग ने आरव सिंह की जिंदगी बदल दी। यशोदा सिंह ने उसे संभाला था। अब वह अकेला उन गुंडों से लड़ रहा है। तनीषा गुप्ता को देखकर लगता है कि वह भी डरी हुई है। वैद्य भी, योद्धा भी का प्लॉट बहुत गहरा है। बचपन का दर्द ही उसे योद्धा बना रहा है। एक्शन सीन बहुत रोमांचक हैं। मुझे यह ड्रामा बहुत पसंद आ रहा है। आगे क्या होगा जानना चाहती हूं।

विलेन की घमंडी एंट्री

चमड़े का जैकेट पहने विलेन बहुत घमंडी लग रहा था। उसने आरव सिंह को हल्के में लिया। लेकिन आरव का कॉन्फिडेंस देखकर डर लग रहा था। वैद्य भी, योद्धा भी में एक्शन की धमाकेदार एंट्री हुई। जब चाकू निकले तो मैं घबरा गई थी। पर आरव ने सबको हवा में उड़ा दिया। यह पावर कैसी है मुझे समझ नहीं आया। बहुत ही रोमांचक कहानी चल रही है।

डर के आगे जीत है

आरव सिंह के चेहरे पर कोई डर नहीं था। सामने इतने गुंडे थे फिर भी वह शांत खड़ा था। विलेन का मजाक उड़ाना उसे भारी पड़ने वाला है। वैद्य भी, योद्धा भी की स्टोरीलाइन बहुत यूनिक है। फ्लैशबैक और वर्तमान का कनेक्शन अच्छा बना है। यशोदा सिंह का रोल बहुत इमोशनल था। आग का सीन अभी भी दिमाग में है। एक्शन और इमोशन का बेहतरीन मिश्रण है।

रूह कंपा देने वाला सीन

यह शो देखकर मेरी रूह कांप गई। बच्चे को आग में देखना बहुत बुरा लगा। तनीषा गुप्ता की आंखों में आंसू थे। आरव सिंह अब बदला लेने वाला है। वैद्य भी, योद्धा भी में हर किरदार महत्वपूर्ण है। विलेन को आरव की ताकत का अंदाजा नहीं है। जब उसने वार किया तो सब हैरान रह गए। मुझे यह सीरीज बहुत पसंद आ रही है। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने में मजा आता है।

आंखों में चमक है

आरव सिंह की आंखों में एक अलग ही चमक है। वह जानता है कि उसे क्या करना है। गुंडों की भीड़ उसे कुछ नहीं बिगाड़ सकती। वैद्य भी, योद्धा भी का क्लाइमेक्स बहुत धमाकेदार है। विलेन का चेहरा देखने लायक था जब वह हारा। यशोदा सिंह की ममता ने उसे बचाया था। अब वह सबको बचाएगा। कहानी में दम है। हर एपिसोड नया सस्पेंस लाता है।

जादू या ताकत

मुझे यह ड्रामा बहुत पसंद आ रहा है। आरव सिंह का किरदार बहुत ताकतवर है। विलेन को सबक मिलना चाहिए था। वैद्य भी, योद्धा भी में एक्शन बहुत अच्छा है। जब चाकू से वार हुआ तो रोशनी हुई। यह जादू है या ताकत मुझे नहीं पता। तनीषा गुप्ता का रोल भी अच्छा लगा। बचपन की कहानी बहुत दर्दनाक थी। आगे की कहानी का इंतजार है।

यादगार फाइट सीन

विलेन की एंट्री बहुत डरावनी थी। वैन से निकलकर उसने धमकी दी। पर आरव सिंह नहीं डरा। वैद्य भी, योद्धा भी में कॉन्फिडेंस की हद दिखती है। आरव की मुस्कान ने विलेन को हिला दिया। गुंडे जमीन पर गिर गए। यह सीन बहुत यादगार बन गया। यशोदा सिंह का प्यार काम आया। परिवार की कहानी दिल को छू गई। बहुत ही बेहतरीन वीडियो है।

बदले की आग

आग के सीन ने मुझे बहुत इमोशनल कर दिया। आरव सिंह अकेला पड़ गया था। यशोदा सिंह ने उसे गोद लिया था। तनीषा गुप्ता बस देखती रही। वैद्य भी, योद्धा भी में दर्द और ताकत दोनों हैं। अब आरव बदला ले रहा है। विलेन को पता नहीं किससे पंगा लिया। एक्शन सीन बहुत शानदार हैं। मुझे यह शो बहुत पसंद आ रहा है। जल्दी अगला पार्ट चाहिए।

संतुलित कहानी

यह कहानी मुझे बहुत पसंद आ रही है। आरव सिंह का सफर बहुत कठिन रहा है। विलेन को उसकी ताकत का अंदाजा नहीं है। वैद्य भी, योद्धा भी में हर सीन मायने रखता है। फ्लैशबैक में सच्चाई छिपी है। आग वाली रात सब बदल गया था। अब आरव जीतने वाला है। एक्शन और ड्रामा का अच्छा संतुलन है। नेटशॉर्ट ऐप पर जरूर देखें।