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वैद्य भी, योद्धा भीवां54एपिसोड

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वैद्य भी, योद्धा भी

परम योद्धा आरव सिंह अपने शुद्ध तेज शरीर के कारण नींव स्तर के शिखर पर अटका था। उसके गुरु साधक ने उसे उस लड़की को खोजने का आदेश दिया जिसके शरीर पर "रहस्यमयी निशान" हो, ताकि वह अपनी रुकावट तोड़ सके। गुरु ने उसकी गुरु बहनों को भी मदद करने भेजा। पहाड़ से उतरने की उसी रात, आरव की मुलाकात चंद्र ग्रुप की सीईओ तारा चंद्र से हुई। वह उसका बॉयफ्रेंड बन गया और उसकी सहेलियों की रक्षा करने लगा। अपनी चिकित्सा और युद्ध कला के दम पर, आरव ने दुश्मनों को मुँह की खाई और जिंदगी की सबसे ऊँची सीढ़ी पर पहुँच गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सम्मान का पल

जब सभी ने झुककर सम्मान दिया, उस पल की शक्ति अलग ही थी। लगता है कोई बड़ा बदलाव आने वाला है। इस शो वैद्य भी, योद्धा भी में हर दृश्य में नया मोड़ है। नीली सूट वाले की हैरानी देखने लायक थी। सच में नाटक अपने चरम पर है। ऐसे दृश्य बार बार देखने को मन करता है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है।

महिला का प्रवेश

सफेद सूट वाली महिला के प्रवेश ने सबका ध्यान खींच लिया। उसकी चाल में जो आत्मविश्वास था, वो काबिले तारीफ है। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में अब नया मोड़ आएगा। काले जैकेट वाले की मुस्कान कुछ और ही इशारा कर रही थी। मुझे ये किरदार बहुत पसंद आ रहे हैं। देखने में मज़ा आ रहा है।

घायल योद्धा

भूरे कोट वाले के हाथ में पट्टी देखकर लगता है पिछली लड़ाई कड़ी थी। फिर भी वो डटा हुआ है। वैद्य भी, योद्धा भी में पात्रों की गहराई बहुत अच्छी दिखाई गई है। ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। अभिनय बहुत स्वाभाविक लग रहा है। हर कोई इसकी तारीफ कर रहा है।

तनावपूर्ण माहौल

बाहर का माहौल बहुत तनावपूर्ण लग रहा था। सभी की नज़रें एक ही दिशा में थीं। वैद्य भी, योद्धा भी की इस कड़ी में रहस्य बना हुआ है। काले चश्मे वाले की बातचीत में भी कुछ छिपा हुआ लग रहा था। स्थान भी बहुत शानदार चुना गया है। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी।

हास्य और नाटक

ग्रे सूट वाले की शारीरिक भाषा से लगता है वो किसी का इंतज़ार कर रहा था। जब वो हंसे तो माहौल हल्का हुआ। वैद्य भी, योद्धा भी में हास्य और नाटक का अच्छा मिश्रण है। ऐसे किरदार दर्शकों को पसंद आएंगे। कहानी में बड़ा मोड़ आने वाला है। बहुत ही रोमांचक है।

यादगार दृश्य

जिस तरह से सबने एक साथ झुककर नमस्ते की, वो दृश्य बहुत यादगार था। लगता है कोई बहुत बड़ी हस्ती आई है। वैद्य भी, योद्धा भी की निर्माण गुणवत्ता भी बहुत अच्छी है। ऐसे दृश्य देखकर लगता है कहानी में बड़ा मोड़ आने वाला है। प्रशंसक इससे बहुत खुश हैं।

नेतृत्व की चमक

काले जैकेट वाले की आंखों में एक अलग ही चमक थी। वो सबको नियंत्रण कर रहा था। वैद्य भी, योद्धा भी में नेतृत्व की झलक मिलती है। ऐसे दृश्य देखकर लगता है कहानी में बड़ा मोड़ आने वाला है। प्रशंसकों के लिए ये एक आश्चर्यजनक उपहार जैसा है। बहुत ही बेहतरीन है।

रिश्तों की जटिलता

महिला के आते ही सबके चेहरे के भाव बदल गए। ये शक्ति संतुलन बहुत दिलचस्प है। वैद्य भी, योद्धा भी में रिश्तों की जटिलताओं को खूब दिखाया गया है। मुझे ये किरदार बहुत पसंद आ रहे हैं। अगली कड़ी कब आएगी। सभी इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।

किरदारों का महत्व

नीली सूट वाले और काले सूट वाले की दोस्ती या दुश्मनी समझ नहीं आ रही। वैद्य भी, योद्धा भी में हर किरदार का अपना महत्व है। ऐसे दृश्य बार बार देखने को मन करता है। अभिनय बहुत स्वाभाविक लग रहा है। स्थान भी बहुत शानदार चुना गया है। देखने लायक है।

अंत का रहस्य

अंत में जो रहस्य छोड़ा गया है वो बहुत बेचैन करने वाला है। आगे क्या होगा ये जानने की उत्सुकता है। वैद्य भी, योद्धा भी की अगली कड़ी कब आएगी। प्रशंसकों के लिए ये एक आश्चर्यजनक उपहार जैसा है। कहानी में बड़ा मोड़ आने वाला है। बहुत ही रोमांचक है।