इस कमरे की सजावट बहुत पुरानी और शाही लग रही है। बीच में बैठे बूढ़े व्यक्ति के चेहरे पर गंभीरता साफ झलक रही थी। जब लड़की का फोन बजा तो सबकी नजरें उस पर टिक गईं। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में यह मोड़ बहुत अहम साबित होने वाला है। चश्मे वाले व्यक्ति की घबराहट देखकर लग रहा है कि कोई बड़ा राज खुलने वाला है। सब लोग हैरान हैं। यह दृश्य बहुत रोमांचक है।
काले चमड़े का सूट पहनी लड़की बहुत ही कॉन्फिडेंट लग रही थी। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी जब वह बात कर रही थी। अचानक आए फोन संपर्क ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। गाड़ी वाली लड़की कौन है यह जानने के लिए हम सब बेताब हैं। कहानी आगे बढ़ेगी। यह बहुत पसंद आया।
छड़ी पकड़े हुए दादाजी का रौब देखते ही बन रहा था। उन्होंने जो कहा उससे कमरे में सन्नाटा छा गया। बीच वाले व्यक्ति को पसीने आ रहे थे डर के मारे। वैद्य भी, योद्धा भी के इस भाग में सस्पेंस बहुत बढ़ गया है। अब आगे की कहानी कैसे मुड़ेगी यह देखना दिलचस्प होगा। सब इंतजार कर रहे हैं। मुझे बहुत मजा आया।
फोन की स्क्रीन पर नाम देखकर लड़की हैरान रह गई। गौरी शर्मा का संपर्क क्यों आया यह अभी साफ नहीं है। लाल कार वाली लड़की ने ईयरफोन लगाकर बात की। वैद्य भी, योद्धा भी में हर किरदार का अपना एक राज है। यह कहानी धीरे धीरे अपने चरमोत्कर्ष की ओर बढ़ रही है। देखने में मजा आ रहा है। सब देख रहे हैं।
लकड़ी के फर्नीचर और पुराने दीये ने माहौल को क्लासिक बना दिया है। तीनों के बीच की चुप्पी बहुत कुछ कह रही थी। अचानक टूटी खामोशी ने सबको चौंका दिया। वैद्य भी, योद्धा भी की निर्माण गुणवत्ता बहुत शानदार लग रही है। हर फ्रेम में एक नई कहानी छिपी हुई है। यह बहुत अच्छा है। सबको पसंद आया।
चश्मे वाले आदमी की घबराहट साफ दिख रही थी जब बूढ़े व्यक्ति ने बात की। वह बार बार अपनी जगह बदल रहा था। लड़की ने फोन उठाकर सबको चौंका दिया। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे किरदार बहुत गहराई से लिखे गए हैं। दर्शक अब अगले भाग का इंतजार नहीं कर पा रहे हैं। सब उत्सुक हैं। यह बहुत अच्छा है।
नीली पोशाक वाली लड़की गाड़ी चलाते हुए बात कर रही थी। उसकी आवाज में जल्दबाजी साफ झलक रही थी। यह संपर्क पहले वाले दृश्य से कैसे जुड़ा है यह पहेली है। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे कनेक्शन बहुत हैरान करते हैं। कहानी का हर पन्ना उत्सुकता बढ़ाता है। मजा आ रहा है। सब देख रहे हैं।
कमरे की रोशनी और छाया का खेल बहुत अच्छा था। बूढ़े व्यक्ति की छड़ी उनकी ताकत का प्रतीक लग रही थी। लड़की के चेहरे के भाव बहुत तेजी से बदले। वैद्य भी, योद्धा भी के निर्देशक ने माहौल बहुत अच्छे से बनाया है। यह दृश्य लंबे समय तक याद रहेगा। सबको पसंद आया। यह बहुत रोमांचक है।
अंत में जो आगे आएगा का संकेत आया उसने सबको झटका दिया। अभी तो कहानी शुरू ही हुई थी कि बीच में रुक गई। लड़की के फोन उठाने के बाद क्या हुआ यह जानना जरूरी है। वैद्य भी, योद्धा भी के प्रशंसकों के लिए यह इंतजार मुश्किल है। जल्दी से नया भाग आना चाहिए। सब चाहते हैं। यह बहुत अच्छा है।
इस शो की कहानी में बहुत गहराई है जो हर दृश्य में दिखती है। किरदारों के बीच की रसायन विज्ञान बहुत मजबूत है। फोन संपर्क वाला मोड़ बहुत ही बेहतरीन था। वैद्य भी, योद्धा भी देखने के बाद मन में कई सवाल उठ रहे हैं। यह कहानी अपने जैसी अनोखी है। सब देख रहे हैं। मुझे बहुत पसंद आया।