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वैद्य भी, योद्धा भीवां24एपिसोड

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वैद्य भी, योद्धा भी

परम योद्धा आरव सिंह अपने शुद्ध तेज शरीर के कारण नींव स्तर के शिखर पर अटका था। उसके गुरु साधक ने उसे उस लड़की को खोजने का आदेश दिया जिसके शरीर पर "रहस्यमयी निशान" हो, ताकि वह अपनी रुकावट तोड़ सके। गुरु ने उसकी गुरु बहनों को भी मदद करने भेजा। पहाड़ से उतरने की उसी रात, आरव की मुलाकात चंद्र ग्रुप की सीईओ तारा चंद्र से हुई। वह उसका बॉयफ्रेंड बन गया और उसकी सहेलियों की रक्षा करने लगा। अपनी चिकित्सा और युद्ध कला के दम पर, आरव ने दुश्मनों को मुँह की खाई और जिंदगी की सबसे ऊँची सीढ़ी पर पहुँच गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

रुद्र मेहरा का रौबदार अंदाज

रुद्र मेहरा का अंदाज देखकर ही लगता है कि असली ताकतवर कौन है। उसने सिगरेट पीते हुए जो हुक्म चलाया, वो रोंगटे खड़े करने वाला था। वैद्य भी, योद्धा भी श्रृंखला में ऐसा किरदार पहले नहीं देखा। फर्श पर पड़े व्यक्ति की हालत देखकर तरस आ रहा था। इस धारावाहिक को देखने का मजा ही अलग है। हर दृश्य में नया मोड़ है और दर्शक बंधा रहता है। कहानी बहुत रोचक है।

ललित और तरुण का आगमन

काले सूट में सजे ललित सिंह और तरुण गुप्ता के आगमन ने माहौल बदल दिया। उनकी आंखों में गुस्सा साफ झलक रहा था और सब डर गए। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी अब बहुत आगे बढ़ गई है। लगता है अब बड़ा संघर्ष होने वाला है जल्दी ही। रोशनी और सजावट बहुत शानदार है। दर्शक के रूप में मैं हैरान रह गया। सब कुछ अच्छा लगा।

घबराया हुआ युवक

चमकदार कोट वाला लड़का बहुत घबराया हुआ लग रहा था उस वक्त। उसने रुद्र मेहरा को मना करने की कोशिश की लेकिन बेकार गया। वैद्य भी, योद्धा भी में सत्ता का खेल बहुत तेजी से चल रहा है। कमरे का माहौल बहुत ही डरावना बनाया गया है। हर किसी के चेहरे पर तनाव साफ दिखाई दे रहा था। यह नाटक बहुत पसंद आ रहा है। मैं देखता रहूंगा।

महिला किरदार की ताकत

चमड़े की पोशाक वाली महिला की चुप्पी सबसे ज्यादा खतरनाक लग रही थी। वह बस खड़ी होकर सब कुछ देख रही थी चुपचाप। वैद्य भी, योद्धा भी में महिला किरदारों को भी मजबूत दिखाया गया है। जमीन पर पड़े व्यक्ति को उठने की हिम्मत नहीं हो रही थी। यह कड़ी बहुत ही रोमांचक रही। कहानी में गहराई है। मुझे पसंद है।

धुएं और रोशनी का खेल

सिगरेट का धुआं और नीली रोशनी ने दृश्य को बहुत गहरा बना दिया। रुद्र मेहरा की हंसी में छिपा खतरा सब समझ रहे थे। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी बहुत मजबूत है। दो सुनहरे नाग वाले कोट पहने लोग किसी बड़ी ताकत का संकेत दे रहे हैं। मुझे यह अंत बहुत पसंद आया। अभिनय लाजवाब है। सबने अच्छा किया।

बिखरा हुआ सामान

मेज पर रखी हरी बोतलें और बिखरा हुआ सामान कहानी बता रहा था। वहां जमकर पार्टी हुई होगी इससे पहले। वैद्य भी, योद्धा भी में हर बारीकरी पर ध्यान दिया गया है। ललित सिंह के आगमन ने सबकी सांसें रोक दीं। अब आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। दृश्य बहुत अच्छा है। मैं रुका नहीं हूं।

स्वाभाविक अभिनय

झोउ तियानझेंग यानी रुद्र मेहरा का रौबदार अंदाज लाजवाब है। उसने बिना कुछ कहे ही सबको डरा दिया। वैद्य भी, योद्धा भी में अभिनय बहुत स्वाभाविक लग रहा है। फर्श पर पड़ा व्यक्ति दर्द से कराह रहा था। यह दृश्य देखकर दिल पर असर हुआ। ऐसे ही धारावाहिक देखने चाहिए। मजा आ गया। बहुत बढ़िया है।

नाग की नक्काशी

तरुण गुप्ता और ललित सिंह की जोड़ी बहुत खतरनाक लग रही है। उनके कपड़ों पर बने नाग की नक्काशी बहुत खास थी। वैद्य भी, योद्धा भी में पोशाक बनावट भी बहुत अच्छी है। युवक ने जब महिला को पकड़ा तो माहौल और खराब हो गया। हर पल कुछ नया हो रहा है इस कार्यक्रम में। देखने लायक है। सबको देखना चाहिए।

अंधेरे में रोशनी

कमरे की चमकदार रोशनी और अंधेरा मिश्रण बहुत अच्छा था। रुद्र मेहरा ने जब उंगली उठाई तो सब चुप हो गए। वैद्य भी, योद्धा भी का निर्देशन बहुत प्रभावशाली है। जमीन पर गिरा व्यक्ति अब उठने की कोशिश कर रहा था। कहानी में अब बहुत बड़ा मोड़ आने वाला है जल्दी ही। इंतजार रहेगा। मजा आएगा।

बड़ा धमाका आने वाला है

इस कड़ी में रहस्य बहुत बढ़ गया है अंत तक। सब किरदार अपनी जगह पर बहुत फिट बैठ रहे हैं। वैद्य भी, योद्धा भी देखकर लगता है कि बड़ा धमाका होने वाला है। रुद्र मेहरा की ताकत और नए आए लोगों की ताकत आमने सामने है। मुझे अगली कड़ी देखने का इंतजार है। बहुत अच्छा है। सबको पसंद आएगा।