इस नाटक में गुस्सा साफ दिखता है। जब पैसे चेहरे पर फेंके गए तो लगा दिल टूट गया। धूसर कमीज वाले किरदार की आँखों में दर्द साफ झलक रहा था। गाँव का गौरव ने ऐसे परिवारिक क्लेश को बहुत अच्छे से दिखाया है। मेज उलटने का दृश्य बहुत नाटकीय था लेकिन जरूरी भी था। सब कुछ बिखर गया जैसे उनका रिश्ता। देखकर लगता है कि इज्जत पैसों से बड़ी होती है। यह कहानी दिल को छू लेती है।
लाल वस्त्र वाली महिला चुपचाप सब देख रही थी। उसकी आँखों में चिंता साफ दिख रही थी। जब खाना हवा में उड़ा तो सब हैरान रह गए। गाँव का गौरव की कहानी में हर किरदार का अपना वजन है। बूढ़ी दादी का प्यार सबसे ताकतवर हथियार है। उन्होंने उसे पीठ पर उठाकर सबको जवाब दे दिया। यह दृश्य बहुत भावुक कर देने वाला था। मुझे यह शो बहुत पसंद आया।
कोट वाली पोशाक वाले व्यक्ति का घमंड टूटता हुआ दिखा। पैसे दिखाना इज्जत नहीं खरीद सकता। धूसर कमीज वाले ने साबित किया कि गुस्सा भी जरूरी है। गाँव का गौरव में ऐसे मोड़ बार बार देखने को मिलते हैं। टूटे हुए बर्तन जैसे टूटे हुए सपने लग रहे थे। जमीन पर बिखरा खाना देखकर बुरा लगा। लेकिन अंत में मिली राहत ने सब ठीक कर दिया। यह एक बेहतरीन कहानी है।
दादी माँ का चेहरा देखकर लगता है सब जानती हैं। उन्होंने बिना कुछ कहे सब संभाल लिया। जब वह उसे उठाकर ले गईं तो आँखें नम हो गईं। गाँव का गौरव ने रिश्तों की अहमियत बताई है। शोर शराबे के बीच चुप्पी सबसे तेज थी। सब लोग भाग रहे थे बस वही खड़ी रहीं। यह किरदार निभाने वाली अभिनेत्री बहुत अच्छी हैं। मुझे यह कड़ी बहुत याद रहेगी।
झगड़े की शुरुआत बहुत साधारण लग रही थी। फिर अचानक सब कुछ बदल गया। गुस्से में इंसान क्या कर सकता है यह दिख गया। गाँव का गौरव की पटकथा बहुत मजबूत है। मेज उलटने की आवाज दिल पर लगी। सबके चेहरे के भाव बदल गए थे। कोई डरा हुआ था तो कोई गुस्से में था। यह असली जीवन जैसा लगता है। देखने वाला हर पल बंधा रहता है।
रोता हुआ चेहरा देखकर दिल पसीज गया। इंसान कितना अकेला हो सकता है यह समझ आया। भीड़ में भी वह अकेला खड़ा था। गाँव का गौरव में ऐसे भावनात्मक पल बहुत हैं। उसकी आँखों से आँसू टपक रहे थे। सबने उसे छोड़ दिया बस दादी नहीं। यह प्यार की जीत थी। मुझे यह दृश्य बहुत पसंद आया। ऑनलाइन देखने का मजा आ गया।
सफेद कमीज वाला व्यक्ति बीच में खड़ा रहा। उसने कुछ नहीं कहा बस देखता रहा। शायद वह भी कुछ करना चाहता था। गाँव का गौरव में हर किरदार की भूमिका है। जब पैसे हवा में उड़े तो सबकी साँसें रुक गईं। यह अपमान किसी को भी बर्दाश्त नहीं होता। गुस्सा आना लाजिमी था। कहानी आगे क्या होगी यह जानना है।
खाने की मेज का उलटना सिर्फ गुस्सा नहीं था। यह वर्षों का दर्द था जो बाहर आया। सब कुछ बिखर गया पर रिश्ता बच गया। गाँव का गौरव ने यह बहुत खूबसूरती से दिखाया। टूटी हुई थालियाँ जैसे टूटी हुई उम्मीदें। फिर भी उम्मीद बाकी है। दादी का सहारा सबसे बड़ा था। यह कहानी हमें कुछ सिखाती है। मुझे यह शो बहुत अच्छा लगा।
गाँव का माहौल बहुत असली लग रहा था। ईंटों वाले घर और खुली जगह। सब कुछ बहुत सहज था। गाँव का गौरव की सेटिंग बहुत प्यारी है। जब वह चिल्लाया तो आवाज गूंज गई। सबने उसे सुना और डर गए। लेकिन प्यार ने सब शांत कर दिया। अंत में जो चुप्पी थी वह सबसे तेज थी। यह एक यादगार कड़ी है।
आखिर में जो मुस्कान थी वह सब ठीक कर गई। दादी की आँखों में आँसू थे पर चेहरे पर हंसी। यह प्यार की ताकत है। गाँव का गौरव ने दिल जीत लिया है। उसे पीठ पर उठाकर ले जाना बहुत भारी था। पर प्यार सब हल्का कर देता है। यह दृश्य हमेशा याद रहेगा। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आई। यह शो जरूर देखें।