जब तक फूल न झर जाएँ में यह दृश्य दिल को छू लेता है। बूढ़े आदमी की चिंता और लड़की का डर साफ दिख रहा है। सैनिकों का झुकना और फिर गुस्सा सब कुछ इतना असली लगता है जैसे हम वहीं खड़े हों। पहाड़ी इलाके की हवा और धूल भी कहानी का हिस्सा बन गई है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि हर पल में कुछ नया है।