जब तक फूल न झर जाएँ में महारानी का रौब और माँ का दर्द एक साथ देखकर दिल दहल गया। लाल पोशाक में वो जितनी शाही लगती हैं, उतनी ही टूटी हुई भी। बच्चों को गले लगाते वक्त उनकी आँखों में जो बेबसी थी, वो किसी तख्त से बड़ी थी। बिस्तर पर लेटे सम्राट और दरबारियों की चुप्पी में सियासत की बू आती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखकर लगता है जैसे इतिहास की किताबें जी उठी हों। हर फ्रेम में तनाव और खूबसूरती का अनोखा मेल है।