जब तक फूल न झर जाएँ, इस दृश्य में दर्द और क्रोध का मिश्रण देखकर रोंगटे खड़े हो गए। एक मासूम लड़की को इतनी बेरहमी से सजा देना किसी इंसान को भी झकझोर देगा। जब वह राजकुमार दौड़ता हुआ आता है और उसकी आँखों में बदले की आग होती है, तो लगता है कि अब न्याय होगा। बच्चों का रोना और माँ की पीड़ा दिल को चीर देती है। यह दृश्य सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक भावनात्मक तूफान है जो दर्शक को बांधे रखता है।