जब तक फूल न झर जाएँ में यह सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए! राजकुमार का ठहराव और विरोधी का अहंकार टूटते ही सब कुछ बदल गया। बच्चे की मासूमियत और माँ की चिंता ने दिल छू लिया। तलवारें निकलीं, लेकिन असली ताकत तो उस सुनहरे सिक्के में थी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामे देखना सुकून देता है, हर फ्रेम में इमोशन है।