जब तक फूल न झर जाएँ, इस दृश्य में राजा का चेहरा देखकर दिल दहल गया। गरीब माँ और बच्चों की हालत इतनी दर्दनाक थी कि राजा भी चुपचाप खड़ा रहा। बच्ची का हाथ पकड़कर रोना और माँ का चेहरा ढकना, ये छोटे-छोटे पल इतने भावुक थे कि आँखें नम हो गईं। राजा की आँखों में गुस्सा नहीं, बल्कि असहायता दिखी। ये दृश्य सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि इंसानियत की गहराई को छूता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि कहानी सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि दिल को छूने वाली है।