लाल कालीन पर काले वस्त्रों वाले योद्धा का प्रदर्शन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। उसकी मुद्रा और आँखों में छिपा गुस्सा किसी भी प्रतिद्वंद्वी को डरा सकता है। जब वह ताइक्वांडो पहलवान से भिड़ा, तो लगा जैसे पुराने ज़माने की कुंग फू फिल्म देख रहे हों। योद्धा का बदला में ऐसे दृश्य ही दर्शकों को बांधे रखते हैं। उसकी हर चाल में एक अलग कहानी है, और अंत में जब वह जीतता है, तो तालियाँ बजाने का मन करता है।
सफेद यूनिफॉर्म वाला लड़का बहुत तेज़ था, लेकिन काले वस्त्रों वाले मास्टर के आगे उसकी एक न चली। जब मास्टर ने उसकी टांग पकड़कर पटका, तो लगा जैसे धरती हिल गई हो। यह दृश्य योद्धा का बदला का सबसे रोमांचक पल था। दर्शकों की सांसें रुक गई थीं। ऐसे एक्शन सीन्स देखकर लगता है कि मेहनत और अनुशासन ही असली ताकत है। मास्टर की जीत निश्चित थी, बस समय की बात थी।
नीले कोट वाला युवक पूरे समय चुपचाप खड़ा रहा, लेकिन उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी। जब काले वस्त्रों वाला योद्धा गिरा, तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, बस मुस्कुराया। यह मुस्कान सब कुछ कह गई। योद्धा का बदला में ऐसे किरदार ही कहानी को गहराई देते हैं। लगता है वह अगले मुकाबले के लिए तैयार है। उसकी शांति और आत्मविश्वास देखकर लगता है कि वह कोई साधारण व्यक्ति नहीं है।
जब ताइक्वांडो पहलवान मुंह के बल गिरा और खून थूका, तो पूरा माहौल गंभीर हो गया। लाल कालीन पर खून के निशान देखकर दिल दहल गया। योद्धा का बदला में ऐसे दृश्य दर्शकों को झकझोर देते हैं। यह सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु का खेल लग रहा था। काले वस्त्रों वाले मास्टर की ताकत के आगे कोई नहीं टिक सका। यह दृश्य लंबे समय तक याद रहेगा।
पीछे खड़े जापानी वेशभूषा वाले व्यक्ति की मुस्कान बहुत रहस्यमयी थी। वह सब कुछ देख रहा था, लेकिन चुप था। लगता है वह अगले चरण की योजना बना रहा है। योद्धा का बदला में ऐसे किरदार कहानी में नया मोड़ लाते हैं। उसकी मौजूदगी से लगता है कि यह मुकाबला सिर्फ शुरुआत है। आगे और भी बड़े खतरे इंतज़ार कर रहे हैं। उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा डरावनी थी।