सफेद कपड़े वाले योद्धा की आँखों में दर्द साफ दिख रहा है। वह माफ़ी मांग रहा है या मदद? ग्रे कोट वाले का रवैया बहुत अहंकारी लग रहा है। योद्धा का बदला का यह सीन दिल दहला देने वाला है। फर्श पर बिखरे पंखुड़ियां और खून का विरोधाभास बहुत गहरा है। कहानी में अब तक का सबसे बड़ा मोड़ आ सकता है।
सफेद पोशाक वाली की चिंता देखकर लगता है कि वह घायल व्यक्ति को जानती है। उसकी आँखों में आंसू हैं और चेहरे पर डर। योद्धा का बदला में भावनात्मक पल बहुत अच्छे लिखे गए हैं। ग्रे जैकेट वाले युवक ने उसे संभाला, क्या वह दोस्त है या दुश्मन? हर किरदार की अपनी कहानी है जो धीरे धीरे खुल रही है।
लाल कपड़े में лежа हुआ व्यक्ति कौन है? क्या वह मर चुका है या बेहोश है? यह रहस्य दर्शकों को बांधे रखता है। योद्धा का बदला की पटकथा में सस्पेंस का अच्छा मिश्रण है। खड़े लोगों की चुप्पी माहौल को और भारी बना रही है। मुझे अगली कड़ी देखने की जल्दी है। क्या बदला पूरा होगा?
घुटनों के बल बैठे व्यक्ति की चीख सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उसने क्या गलती की थी? सजा बहुत कठोर लग रही है। योद्धा का बदला में न्याय और प्रतिशोध की लड़ाई दिख रही है। मंच सजावट बहुत पारंपरिक और असली लगती है। यह शो समय बर्बाद नहीं है। एक्शन और ड्रामा का संतुलन सही है।
ग्रे कोट वाले की मुस्कान में एक अजीब सी ठंडक है। वह सब कुछ योजना के अनुसार हो रहा है ऐसा लग रहा है। योद्धा का बदला का खलनायक बहुत चालाक लगता है। पीछे खड़े लोग भी उसके इशारे पर चल रहे हैं। सत्ता संतुलन बहुत दिलचस्प है। क्या कोई उसे रोकेगा या वह सबको हरा देगा?