ग्रे पोशाक वाले युवक की कलाबाजी देखकर दंग रह गया। तलवार के सामने बिना हथियार के लड़ना आसान नहीं होता, पर उसने कमाल कर दिया। योद्धा का बदला में ऐसे ही जोश भरे पल देखने को मिलते हैं। लाल कपड़ों वाले की घमंडी हंसी अब डर में बदल गई है। यह मुकाबला वास्तव में रोमांचक था।
लाल किमोनो वाले शख्स की आंखों में जो खूंखारपन था, वह काबिले तारीफ है। शुरुआत में वह खुद को बहुत ताकतवर समझ रहा था, लेकिन अंत में उसकी हालत खराब हो गई। पीछे खड़ी महिला की चिंता साफ झलक रही थी। कहानी में यह ट्विस्ट बहुत अच्छा लगा। योद्धा का बदला में ऑनलाइन देखने का मजा ही अलग है।
सफेद कपड़ों वाले घायल व्यक्ति को देखकर गुस्सा आ रहा था। बदला लेने का जज्बा ही इस कहानी की जान है। ग्रे वाले ने जब लात मारी, तो हॉल में तालियां बजने लगीं। योद्धा का बदला का यह एपिसोड सबसे बेहतरीन है। डायलॉग बाजी भी कमाल की थी। हर कोई इसकी तारीफ कर रहा है।
तलवार बनाम मुक्के का यह मुकाबला इतिहास में याद रखे जाने लायक है। लाल वाले के चेहरे के भाव हर पल बदल रहे थे। कभी घमंड, कभी गुस्सा और अंत में हैरानी। सेट डिजाइन बहुत पुराने जमाने का लग रहा था। योद्धा का बदला में जो लोग मार्शल आर्ट पसंद करते हैं, उनके लिए यह एक खजाना है।
नीली साड़ी वाली लड़की की एंट्री भी दिलचस्प थी। उसकी आवाज में भी वही जोश था जो लड़ने वाले में। सब लोग हैरान थे कि बिना हथियार के कैसे जीत सकते हैं। योद्धा का बदला ने साबित कर दिया कि हुनर सबसे बड़ा हथियार है। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया।