योद्धा का बदला में लाल पट्टी वाला योद्धा जब रेड कार्पेट पर किक मारता है, तो हवा में गूंजती आवाज़ रोंगटे खड़े कर देती है। सामने खड़े चीनी वेशभूषा वाले गुरुओं की चुप्पी डरावनी लगती है। यह सिर्फ फाइट नहीं, दो संस्कृतियों का भिड़ंत है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीन देखकर मैं सीट से उठ खड़ा हुआ था। एक्शन कोरियोग्राफी इतनी तेज है कि सांस लेने का मौका नहीं मिलता।
वह बूढ़ा गुरु जिसके मुंह से खून टपक रहा है, उसकी आंखों में हार नहीं, बदले की आग है। योद्धा का बदला की यह कहानी बताती है कि सम्मान के लिए लड़ना कितना जरूरी है। जब वह युवा लड़के के कंधे पर हाथ रखता है, तो लगता है जैसे वह अपनी सारी ताकत सौंप रहा हो। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल सीन्स कम ही मिलते हैं जो दिल को छू जाएं।
नीले रंग की पोशाक पहने युवक जब मैदान में उतरता है, तो उसकी आंखों में डर नहीं, जिद्द दिखाई देती है। योद्धा का बदला में यह किरदार साबित करता है कि उम्र ताकत नहीं, हौसला मायने रखता है। उसकी मुट्ठियां भींचने का तरीका और सामने वाले को घूरने का अंदाज लाजवाब है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह ड्रामा देखकर लगता है जैसे हम खुद उस रिंग में खड़े हों।
जब तलवार और किक आमने-सामने होते हैं, तो योद्धा का बदला का हर फ्रेम धमाकेदार लगता है। लाल कार्पेट पर गिरता हुआ योद्धा और उसका दर्दनाक चीखना रूह कंपा देता है। यह सीन दिखाता है कि युद्ध में कोई नियम नहीं होते। नेटशॉर्ट पर ऐसे एक्शन सीक्वेंस देखकर एड्रेनालाईन बढ़ जाता है। बैकग्राउंड में बजता ढोल और भीड़ की सांसें थाम लेना लाजिमी है।
काले कपड़ों वाला समुराई जब मुस्कुराता है, तो लगता है उसने जीत पहले ही तय कर ली है। योद्धा का बदला में यह किरदार विलेन से ज्यादा एक शिकारी लगता है। उसके हाथ में तलवार और चेहरे पर वो बेफिक्री देखकर गुस्सा आता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे विलेन कम ही मिलते हैं जो बिना बोले डरा दें। उसकी हंसी इस कहानी का सबसे डरावना हिस्सा है।