एक महिला जो बच्चे को लेकर भाग रही है और दूसरी जो उसका पीछा कर रही है। वही है वो, बॉस! में यह टकराव बहुत ही रोचक है। दोनों के इरादे क्या हैं, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन उनकी हरकतें कहानी को आगे बढ़ाती हैं। ऑफिस के माहौल में यह ड्रामा बहुत ही तीव्रता से दिखाया गया है।
ऑफिस की ऊँची दीवारों के बीच एक माँ का प्यार सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरता है। वही है वो, बॉस! में यह संदेश बहुत ही सुंदर तरीके से दिया गया है। जब माँ बच्चे को लेकर भागती है, तो उसकी हर सांस में प्यार और डर दोनों झलकते हैं। यह दृश्य हर माँ के दिल को छू लेगा।
बच्चे के हाथ पर लाल निशान देखकर माँ का चेहरा बदल जाता है। वह तुरंत मास्क पहनती है और बच्चे को गोद में उठाकर भागती है। यह दृश्य हर माँ के दिल को छू लेगा। वही है वो, बॉस! में दिखाया गया यह संघर्ष बहुत ही वास्तविक लगता है। ऑफिस के कॉरिडोर में दौड़ते हुए उसकी आँखों में डर और जिम्मेदारी साफ झलकती है।
वह औरत जो शुरू में इतनी लापरवाह लग रही थी, अचानक बच्चे को पीला ड्रिंक देकर चली जाती है। फिर बच्चे की तबीयत खराब होती है। क्या यह जानबूझकर किया गया था? वही है वो, बॉस! की यह प्लॉट ट्विस्ट बहुत ही चौंकाने वाला है। सफेद कपड़ों वाली महिला जब उस ड्रिंक को देखती है तो उसके चेहरे पर हैरानी साफ दिखती है।
आधुनिक ऑफिस की चमकदार दीवारों के बीच एक माँ का संघर्ष बहुत ही तीव्रता से दिखाया गया है। वही है वो, बॉस! में यह विरोधाभास बहुत अच्छे से उभरा है। जब वह महिला बच्चे को लेकर लिफ्ट की तरफ भागती है, तो पीछे सफेद कपड़ों वाली महिला का दौड़ना कहानी में एक नया मोड़ लाता है। हर फ्रेम में तनाव बना हुआ है।