वही है वो, बॉस! जब वह रोती हुई उससे लिपट गई, तो लगा जैसे समय थम गया हो। उसके माथे पर पट्टी और आँखों में दर्द देखकर कोई भी पिघल जाए। बच्चे का गिरना और फिर डॉक्टर का आना—सब कुछ इतना तेज़ी से हुआ कि साँस रुक गई। यह दृश्य दिल को छू लेता है।
बच्चा गिरते ही माँ की चीख और पति का चेहरा—दोनों अलग-अलग दर्द बता रहे थे। वही है वो, बॉस! जब वह ऑपरेशन रूम की ओर भागी, तो लगा जैसे वह अपनी जान दे देगी। उसकी आँखों में बस एक सवाल था—'क्या मेरा बच्चा ठीक होगा?'
उसके माथे पर पट्टी थी, लेकिन दिल पर नहीं। वही है वो, बॉस! जब वह चुपचाप खड़ा रहा और उसकी आँखें बस उसे देखती रहीं—तो लगा जैसे वह सब कुछ सह रहा हो। उसकी चुप्पी में हजारों शब्द थे।
जब डॉक्टर निकला, तो सबकी साँसें रुक गईं। वही है वो, बॉस! उसकी आँखों में एक सवाल था—'क्या हुआ?' और डॉक्टर के चेहरे पर एक गंभीरता। यह पल इतना तनावपूर्ण था कि लग रहा था जैसे सब कुछ खत्म हो जाएगा।
बच्चा गिरा और माँ टूट गई। वही है वो, बॉस! जब वह ज़मीन पर गिरी और उसे उठाने लगी, तो लगा जैसे वह अपनी जान दे देगी। उसकी आँखों में बस एक डर था—'कहीं मेरा बच्चा...' यह दृश्य दिल को चीर देता है।