बूढ़ी सास का रवैया देखकर गुस्सा आ रहा है! गिफ्ट देकर भी अपमानित करना, यह कैसी संस्कृति है? बहू की आंखों में आंसू और बेटे की मजबूरी साफ दिख रही है। वही है वो, बॉस! जैसे ही बहू सीढ़ियों पर जाती है, उसकी नजरों में जो गुस्सा है, वह आने वाले बदले का संकेत है। परिवार के झगड़े कितने जटिल होते हैं।
सीन बदलते ही कहानी में नया मोड़ आ गया। ऑफिस में वह लड़की अब बॉस बनकर आई है और अपनी ही सहकर्मी को नीचा दिखा रही है। चश्मा उतारने का अंदाज और घूरने वाली नजरें बता रही हैं कि अब खेल पलटने वाला है। वही है वो, बॉस! कॉफी पीते हुए जो बातचीत हो रही है, उसमें छिपी है गहरी साजिश।
पहले ही एपिसोड में इतना टेंशन! सास का बेटे पर कंट्रोल और बहू पर नफरत साफ झलक रही है। बेचारा बेटा दोनों के बीच फंसा हुआ है। वही है वो, बॉस! जब बहू ने घर से जाने का फैसला किया, तो माहौल में जो खामोशी छा गई, वह बहुत भारी थी। आगे क्या होगा, यह जानने के लिए बेचैनी हो रही है।
कहानी का ट्विस्ट देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जो लड़की कल तक ऑफिस में साधारण कर्मचारी थी, आज वही सबसे ऊपर बैठकर हुक्म चला रही है। उसकी सहकर्मी का चेहरा देखकर लग रहा है कि उसे अपनी गलती का अहसास हो रहा है। वही है वो, बॉस! कॉफी के कप में छिपी है असली कहानी, जहां शब्दों से ज्यादा खामोशी बोल रही है।
इस शो में दिखाया गया रिश्ता बहुत ही यथार्थवादी है। सास का यह सोचना कि बहू उनके लायक नहीं है, कई घरों की कहानी है। बेटे का चुप रहना और बहू का आत्मसम्मान के साथ वापस लौटना दिल को छू गया। वही है वो, बॉस! नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे शो देखना सुकून देता है जो असली जिंदगी की झलक दिखाते हैं।