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वही है वो, बॉस!

छह साल पहले, एक रात ने दीना की ज़िंदगी बदल दी — वह एक अकेली माँ बन गई। उसे कभी पता नहीं चला कि उस रात का वह आदमी एलेक्स था, जो एक्लाट ग्रुप का सीईओ है, और वह तब से उसे ढूंढ रहा है। उसकी साजिशी सौतेली बहन उसकी जगह ले लेती है, दीना की पहचान चुरा लेती है। किस्मत दीना को एक्लाट ग्रुप में एलेक्स की सेक्रेटरी बनाकर ले आती है, जहाँ प्यार फिर से खिल उठता है...
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इस एपिसोड की समीक्षा

माँ का प्यार और बेटे की चिंता

लूसी विल्सन के चेहरे पर जब एलेक्स की चिंता दिखी, तो दिल दहल गया। अस्पताल के कमरे में माँ-बेटे का रिश्ता इतना गहरा लगा कि आँखें नम हो गईं। वही है वो, बॉस! जब वो दौड़ते हुए गलियारे में आए, तो लगा जैसे कोई फिल्म का सीन हो। लूसी की आवाज़ में दर्द और एलेक्स की आँखों में डर — सब कुछ इतना असली लगा।

अस्पताल की दीवारें भी रो पड़ीं

एलेक्स जब लूसी के पास पहुँचा, तो उसकी आवाज़ काँप रही थी। लूसी ने उसे देखा और मुस्कुराई — वो मुस्कान जिसमें सब कुछ छिपा था। वही है वो, बॉस! जब वो दोनों गले मिले, तो लगा जैसे समय रुक गया हो। अस्पताल की सफेद दीवारें भी उनकी भावनाओं को सह नहीं पा रही थीं।

बच्चे की मासूमियत ने जीत लिया दिल

जब वो छोटा बच्चा हरे रंग का शेक पी रहा था, तो उसकी मासूमियत ने सबका दिल जीत लिया। लूसी की आँखों में आँसू थे, लेकिन वो मुस्कुरा रही थी। वही है वो, बॉस! जब एलेक्स ने उसे गले लगाया, तो लगा जैसे पूरी दुनिया एक पल के लिए शांत हो गई हो।

गलियारे में दौड़ते हुए एलेक्स

एलेक्स जब अस्पताल के गलियारे में दौड़ रहा था, तो उसकी आँखों में सिर्फ लूसी के लिए चिंता थी। वही है वो, बॉस! जब वो लूसी के कमरे में पहुँचा, तो उसकी साँसें तेज़ थीं, लेकिन उसकी आवाज़ में प्यार था। लूसी ने उसे देखा और मुस्कुराई — वो मुस्कान जिसमें सब कुछ छिपा था।

लूसी की आँखों में छिपा दर्द

लूसी विल्सन की आँखों में जब दर्द दिखी, तो लगा जैसे वो सब कुछ सह रही हो। एलेक्स के आने से पहले वो अकेली थी, लेकिन जब वो आया, तो उसकी आँखों में राहत दिखी। वही है वो, बॉस! जब वो दोनों एक दूसरे को देखते हैं, तो लगा जैसे उनकी दुनिया एक हो गई हो।

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