PreviousLater
Close

वही है वो, बॉस!

छह साल पहले, एक रात ने दीना की ज़िंदगी बदल दी — वह एक अकेली माँ बन गई। उसे कभी पता नहीं चला कि उस रात का वह आदमी एलेक्स था, जो एक्लाट ग्रुप का सीईओ है, और वह तब से उसे ढूंढ रहा है। उसकी साजिशी सौतेली बहन उसकी जगह ले लेती है, दीना की पहचान चुरा लेती है। किस्मत दीना को एक्लाट ग्रुप में एलेक्स की सेक्रेटरी बनाकर ले आती है, जहाँ प्यार फिर से खिल उठता है...
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

बच्चे की मुस्कान ने सब बदल दिया

जब वो छोटा सा लड़का अचानक हंस पड़ा, तो लगता है जैसे पूरा माहौल हल्का हो गया। उसकी मासूमियत ने शायद उस औरत के दिल को पिघला दिया जो पहले नाराज़ लग रही थी। बच्चे की ये अदा देखकर लगता है कि वही है वो, बॉस! जो सबको जोड़ सकता है। कार में बैठकर दादी का चेहरा देखकर लगता है कि वो भी इस पल को संभालना चाहती हैं।

अंगूठी का डिब्बा और अनकही बातें

उस आदमी के हाथ में वो नीला डिब्बा देखकर लगता है कि कुछ बड़ा होने वाला था, लेकिन फिर भी सब कुछ अधूरा सा लगा। शायद वो प्रपोज़ करने वाला था, लेकिन बच्चे की हंसी ने सब कुछ बदल दिया। वही है वो, बॉस! जब दिल की बातें शब्दों से ज्यादा मायने रखती हैं। कार में बैठकर सबकी चुप्पी भी कुछ कह रही थी।

दादी का चेहरा और उनकी चिंता

दादी का चेहरा देखकर लगता है कि वो सब कुछ समझ रही हैं, लेकिन फिर भी चुप हैं। शायद वो इस रिश्ते को बचाना चाहती हैं, या फिर बच्चे के भविष्य के बारे में सोच रही हैं। वही है वो, बॉस! जब बुजुर्गों की आंखें सब कुछ देख लेती हैं। कार में बैठकर उनकी हर हरकत में एक कहानी छिपी थी।

औरत की आंखों में छिपा दर्द

उस औरत की आंखों में जो दर्द था, वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। शायद वो इस रिश्ते से थक चुकी थी, या फिर बच्चे के लिए सब कुछ सहन कर रही थी। वही है वो, बॉस! जब मां का दिल सबसे ज्यादा दर्द सहता है। कार में बैठकर उसकी चुप्पी भी चीख रही थी।

बच्चे की हंसी और सबकी चुप्पी

जब बच्चा हंसा, तो सबकी चुप्पी टूट गई। शायद वो हंसी सबके लिए एक संदेश थी कि जिंदगी में खुशियां भी हैं। वही है वो, बॉस! जब एक छोटी सी हंसी सब कुछ बदल दे। कार में बैठकर सबकी आंखों में एक नई उम्मीद दिखी।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down