अस्पताल के गलियारे में हुई वो बातचीत बहुत गहरी लग रही थी। लाल ड्रेस वाली महिला की चिंता और ट्रेंच कोट वाली महिला का गुस्सा साफ दिख रहा था। तीन दिन बाद का सीन शॉपिंग मॉल में बिल्कुल अलग माहौल देता है। वही है वो, बॉस! जब वो शीशे के सामने खड़ी होकर अपने आप को देखती है, तो लगता है कि कुछ बदल गया है। बच्चे और सुनहरे बालों वाले आदमी की मौजूदगी कहानी में नया मोड़ लाती है।
शॉपिंग मॉल का सीन बहुत ही स्टाइलिश है। काली टॉप और भूरी स्कर्ट में वो महिला बहुत खूबसूरत लग रही है। सुनहरे बालों वाले आदमी का व्यवहार थोड़ा अजीब है, लेकिन बच्चे की मासूमियत सब कुछ संभाल लेती है। वही है वो, बॉस! जब वो कार्ड देता है, तो लगता है कि कुछ बड़ा होने वाला है। कपड़ों की दुकान का माहौल और लोगों के बीच की दूरी बहुत अच्छे से दिखाई गई है।
तीन दिन बाद का सीन बहुत ही दिलचस्प है। अस्पताल से शॉपिंग मॉल तक का सफर बहुत तेजी से हुआ है। लाल ड्रेस वाली महिला अब काली टॉप में है और उसका व्यवहार भी बदल गया है। वही है वो, बॉस! जब वो शीशे के सामने खड़ी होकर अपने आप को देखती है, तो लगता है कि उसने कुछ फैसला कर लिया है। बच्चे और सुनहरे बालों वाले आदमी की मौजूदगी कहानी में नया रंग भरती है।
बच्चे का किरदार बहुत ही प्यारा है। उसकी मासूमियत और सवाल सब कुछ बदल देते हैं। सुनहरे बालों वाले आदमी का व्यवहार थोड़ा अजीब है, लेकिन बच्चे की वजह से सब कुछ ठीक हो जाता है। वही है वो, बॉस! जब वो कार्ड देता है, तो लगता है कि कुछ बड़ा होने वाला है। कपड़ों की दुकान का माहौल और लोगों के बीच की दूरी बहुत अच्छे से दिखाई गई है।
लाल ड्रेस वाली महिला का किरदार बहुत ही दिलचस्प है। अस्पताल में उसकी चिंता और शॉपिंग मॉल में उसका आत्मविश्वास बहुत अच्छे से दिखाया गया है। वही है वो, बॉस! जब वो शीशे के सामने खड़ी होकर अपने आप को देखती है, तो लगता है कि उसने कुछ फैसला कर लिया है। सुनहरे बालों वाले आदमी का व्यवहार थोड़ा अजीब है, लेकिन बच्चे की मासूमियत सब कुछ संभाल लेती है।