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(डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ोवां54एपिसोड

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(डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो

बीते लम्हों को फिर से जीने के लिए, मैरी अपने याददाश्त खो चुके पति के साथ एक टूर पर निकलती है। लेकिन पहचान में एक छोटी-सी गलती, टूर गाइड की बेरुखी और बेइज़्ज़ती में बदल जाती है। जब सच्चाई सामने आती है, तो वही गाइड अपने किए पर पछतावे और बर्बादी के अंधेरे में डूब जाता है—और उधर, मैरी और उसका पति एक बार फिर अपनी खोई हुई मोहब्बत की मिठास को पा लेते हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

माँ का आगमन और आँसू

जब माँ दरवाजे से अंदर आईं, तो सबकी आँखों में आँसू थे। बेटे और बेटी का गले लगना दिल को छू गया। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसा पल देखकर लगता है कि परिवार की ताकत ही सबसे बड़ी दौलत है। पुलिस वाले का आना थोड़ा डरावना लगा, लेकिन अंत में सब ठीक हो गया।

बीच पर सुकून का पल

समुद्र किनारे व्हीलचेयर में बैठे उमेश और उनकी पत्नी का संवाद बहुत प्यारा लगा। आरती का आना और कंबल देना दिखाता है कि छोटे-छोटे इशारे कितने मायने रखते हैं। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे सीन देखकर लगता है कि जिंदगी की असली खुशियाँ सादगी में हैं।

परिवार का पुनर्मिलन

माँ के आने पर बच्चों का रोना और गले लगना बहुत इमोशनल था। वसीम का चेहरा देखकर लगा कि वह भी राहत महसूस कर रहा है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे पल दिखाते हैं कि मुश्किल वक्त में परिवार ही सहारा बनता है। अंत में सबका साथ चलना दिल को अच्छा लगा।

आरती की मददगार भावना

आरती का बीच पर आना और उमेश को कंबल देना बहुत प्यारा लगा। उसकी मुस्कान और बातचीत से लगा कि वह सच में मदद करना चाहती है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे किरदार दिखाते हैं कि अच्छे इंसान हर जगह मिल जाते हैं। उसका जाना भी बहुत प्यारे ढंग से हुआ।

माँ का फोन कॉल

माँ का फोन पर बात करना और उमेश को खुशखबरी देना बहुत प्यारा लगा। उनकी आवाज़ में खुशी साफ झलक रही थी। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे सीन दिखाते हैं कि छोटी-छोटी खुशियाँ बड़ी लगती हैं। बीच का माहौल और उनकी बातचीत दिल को सुकून देती है।

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