व्हीलचेयर से गिरने के बाद उमेश की हालत देखकर रूह कांप गई। लिज़ा और उसकी सहेली का व्यवहार इतना क्रूर था कि गुस्सा आ गया। जब दवाई की शीशी ज़मीन पर गिरी तो लगा सब खत्म हो गया। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे सीन्स देखकर आंखें नम हो जाती हैं। उमेश की पत्नी की बेचारी देखकर लगता है प्यार अभी भी ज़िंदा है।
लिज़ा ने जब उमेश की दवाई की शीशी उठाई तो लगा वो इंसानियत की हदें पार कर गई। उसका अहंकार इतना बढ़ गया है कि उसे किसी की परवाह नहीं। उमेश की पत्नी की आंखों में डर साफ दिख रहा था। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में विलेन इतना नेगेटिव कभी नहीं देखा। लिज़ा का किरदार देखकर नफरत होती है पर एक्टिंग शानदार है।
उमेश की पत्नी जब ज़मीन पर गिरी दवाई ढूंढ रही थी तो उसकी बेबसी देखकर दिल दहल गया। लिज़ा का पैर उसकी तरफ बढ़ा तो लगा अब क्या होगा। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे इमोशनल मोमेंट्स बहुत कम आते हैं। उमेश की हालत देखकर लगता है कि अमीरों के सामने गरीबों की कोई औकात नहीं।
लिज़ा ने जब उमेश को ज़मीन पर गिराया और फिर उसकी दवाई छीनी, तो लगा ये कहानी बहुत आगे जाने वाली है। उमेश की पत्नी की चीखें सुनकर गुस्सा आ रहा था। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में विलेन इतना बेरहम कभी नहीं देखा। लिज़ा का किरदार देखकर लगता है कि कुछ लोग इंसान नहीं, शैतान होते हैं।
जब उमेश ज़मीन पर तड़प रहा था और उसकी आंखों में मौत का डर साफ दिख रहा था, तो लगा ये सीन बहुत भारी पड़ गया। लिज़ा का हंसना और मज़ाक उड़ाना बर्दाश्त से बाहर था। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे डार्क सीन्स देखकर शॉक लगता है। उमेश की पत्नी की मदद करने की कोशिश देखकर उम्मीद जगी।