बैंगनी टॉप वाली लिसा का अहंकार देखकर गुस्सा आता है। वह जानती है कि जमीन पर पड़े उमेश को दवा की सख्त जरूरत है, फिर भी वह उसे गिराकर कुचलती है। यह क्रूरता किसी इंसान की नहीं हो सकती। नेटशॉर्ट ऐप पर (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो देखते वक्त लगा कि विलेन इतना नीच कैसे गिर सकता है। उमेश की हालत देखकर दिल दहल गया, काश कोई उसे बचा लेता।
जब वह माँ मिट्टी और कीचड़ में सनी हुई अपने बेटे उमेश के लिए भीख मांग रही थी, तो आंखें नम हो गईं। लिसा और उसकी सहेली का व्यवहार बेहद घिनौना था। उन्होंने एक माँ की ममता का मजाक उड़ाया। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे सीन देखकर रोना आ जाता है। उम्मीद है कि आने वाले एपिसोड में उस माँ को इंसाफ मिलेगा और ये घमंडी कुचल दी जाएंगी।
लिसा का गुस्सा अब हिंसा में बदल चुका है। वह हाथ में लाठी लेकर उस बेचारी माँ को मारने की धमकी दे रही है। चेहरे पर जो खून के निशान हैं, वह इस बात का सबूत हैं कि यहाँ क्या हुआ है। नेटशॉर्ट पर (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो का यह सीन सबसे ज्यादा इंटेंस था। लिसा की आंखों में पागलपन साफ दिख रहा था, वह किसी भी हद तक जा सकती है।
जैसे ही काले सूट वाले लोग एंट्री लेते हैं, माहौल बदल जाता है। लगता है अब लिसा और उसकी सहेली की करतूतें सामने आएंगी। उनकी चालाकी अब ज्यादा नहीं चलेगी। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में हीरो की एंट्री हमेशा धमाकेदार होती है। उमेश की माँ की आंखों में अब डर नहीं, बल्कि उम्मीद दिख रही है। अब देखना है कि ये अमीर लोग क्या फैसला लेते हैं।
लिसा की सहेली, जो काले जैकेट में है, उसका हंसना सबसे ज्यादा चुभता है। वह उमेश की तकलीफ पर हंस रही है और अपनी सहेली को उकसा रही है। दोस्ती का यह रूप बेहद भद्दा है। नेटशॉर्ट ऐप पर (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो देखते समय ऐसे किरदारों से नफरत होती है। उम्मीद है कि कहानी में इन दोनों को करारा सबक मिलेगा और ये रोती रह जाएंगी।
जमीन पर पड़ा उमेश दर्द से कराह रहा है, लेकिन उसके पास बोलने की ताकत नहीं है। उसकी माँ उसे बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन लिसा उसे रोक रही है। यह सीन दिल तोड़ने वाला था। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे इमोशनल मोड़ बहुत आते हैं। उमेश की आंखों में मौत का डर साफ दिख रहा था, काश दवा की बोतल उसे मिल जाती।
लिसा को लगता है कि वह सब कुछ खरीद सकती है, यहाँ तक कि इंसान की जान भी। लेकिन उसे नहीं पता कि अहंकार का अंत हमेशा बुरा होता है। उसने दवा की गोलियां जमीन पर गिरा दीं, जो उसकी क्रूरता की निशानी है। नेटशॉर्ट पर (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो देखकर समझ आता है कि अमीरी इंसानियत से बड़ी नहीं होती। लिसा का यह रूप बहुत ही घृणित है।
उस माँ ने सब कुछ सहन किया, गालियां सुनीं, मारा-पीटा गया, लेकिन वह उमेश के लिए डटी रही। उसकी आंखों में आंसू थे, लेकिन हार नहीं थी। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में माँ का यह किरदार बहुत ताकतवर है। जब लिसा ने उसे धक्का दिया, तो लगा कि अब सब खत्म हो गया, लेकिन माँ का प्यार कभी नहीं हारता। यह सीन बहुत प्रेरणादायक था।
लिसा के चेहरे के भाव देखने लायक हैं। कभी वह हंसती है, कभी गुस्सा करती है, और कभी डर जाती है। जब सूट वाले लोग आए, तो उसके चेहरे का रंग उड़ गया। नेटशॉर्ट ऐप पर (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में एक्टिंग बहुत नेचुरल है। लिसा का डर साफ झलक रहा था कि अब उसका राज खुलने वाला है। उसकी पकड़ ढीली पड़ गई है।
पूरे सीन में बस एक ही उम्मीद थी कि कोई आए और इस अन्याय को रोके। जब वो लोग आए, तो लगा कि अब सही वक्त आ गया है। लिसा और उसकी सहेली को अपनी गलतियों का अहसास होगा। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो की कहानी में न्याय हमेशा मिलता है। उमेश और उसकी माँ को अब राहत मिलेगी। यह सीन देखकर सुकून मिला कि बुराई हारेगी।