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Pehchan Galat, Saaza Barabar

Mary apne memory-impaired pati ke saath ek tour join karti hai taaki woh apna beeta hua waqt phir se jee sakein. Lekin ek identity galat hone ki wajah se guide unka mazaak udata hai. Jab sach saamne aata hai, guide ko pachtawa hota hai aur woh tabah ho jaata hai — jabki Mary aur uske pati apni khoyi hui mithas phir se dhundh lete hain.
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इस एपिसोड की समीक्षा

गलत पहचान का दर्द

एक तरफ मैरी और चार्ली का प्यार भरा सफर है, तो दूसरी तरफ एमिली की बेबसी दिल को छू लेती है। जब वह गेट के पीछे खड़ी होकर अपने परिवार को जहाज पर जाते देखती है, तो लगता है जैसे पहचान गलत, सज़ा बराबर की कहानी सच हो रही हो। धन और हैसियत के बीच रिश्तों की टूटन बहुत गहराई से दिखाई गई है।

पीटर का अहंकार

पीटर थॉम्पसन का रॉल्स रॉयस से उतरना और अपने असिस्टेंट जर्सन से बात करना यह साफ बताता है कि पैसा इंसान को कितना बदल देता है। उसकी माँ और सौतेले पिता के प्रति उसका रवैया बिल्कुल सही नहीं लग रहा। पहचान गलत, सज़ा बराबर में ऐसे किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं।

एमिली की मजबूरी

एमिली थॉम्पसन का अपने भाई पीटर को फोन करना और फिर गेट के बाहर रह जाना सबसे दर्दनाक सीन था। उसे लग रहा होगा कि उसका अपना परिवार ही उसे छोड़ गया है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल ड्रामा देखना बहुत अच्छा लगता है, खासकर जब एक्टिंग इतनी नेचुरल हो।

लिसा का रोल

टूर गाइड लिसा कार्टर का फोन पर बात करना और फिर मैरी चार्ली का स्वागत करना यह दिखाता है कि कहानी में अभी बहुत कुछ होने वाला है। जर्सन और लिसा के बीच क्या कनेक्शन है, यह जानने के लिए पहचान गलत, सज़ा बराबर का अगला एपिसोड देखना पड़ेगा।

अमीरी और गरीबी का फर्क

एक तरफ पीटर की लग्जरी लाइफस्टाइल है, तो दूसरी तरफ मैरी और चार्ली का सादा प्यार। यह कंट्रास्ट बहुत अच्छे से दिखाया गया है। जब एमिली गेट के बाहर खड़ी होती है, तो लगता है कि पहचान गलत, सज़ा बराबर सिर्फ एक ड्रामा नहीं, बल्कि समाज का आईना है।

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