जब वो बूढ़ी औरत ज़मीन पर गिरी हुई थी, तो उसकी आँखों में सिर्फ डर नहीं, बल्कि एक टूटी हुई माँ का दर्द था। लिज़ा का गुस्सा समझ आता है, पर क्या करियर के लिए इंसानियत भी बेचनी पड़ती है? (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में ये दृश्य दिल दहला देता है। मनीषा का हँसते हुए गला दबाना सबसे ज्यादा चौंकाने वाला था।
लिज़ा चिल्ला रही थी, पर उसकी आँखों में डर साफ दिख रहा था। शायद उसे पता था कि ये बूढ़ी औरत सिर्फ एक नौकरानी नहीं, बल्कि उसके भविष्य की चाबी है। (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में हर संवाद के पीछे एक छिपी कहानी है। मनीषा का रोल सबसे ज्यादा डरावना लगा, क्योंकि वो बिना किसी अफसोस के हिंसा कर रही थी।
जब वो लड़का रोल्स रॉयस से उतरा, तो लगा जैसे कोई राजकुमार आया हो। पर उसके चेहरे पर वो उदासी थी जो सिर्फ माँ की याद में होती है। (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में ये मोड़ सबसे ज्यादा भावनात्मक था। उसने बूढ़ी औरत को देखकर अपनी माँ को याद किया – शायद वो भी ऐसी ही थी।
मनीषा जब हँस रही थी, तो लगा जैसे कोई शैतान खुश हो रहा हो। उसने बिना किसी झिझक के बूढ़ी औरत का मुँह बंद किया। (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में ये किरदार सबसे ज्यादा डरावना है। लिज़ा का गुस्सा समझ आता है, पर मनीषा की निर्दयता दिल दहला देती है।
वो बूढ़ी औरत चिल्ला रही थी, पर कोई नहीं सुन रहा था। उसकी आवाज़ दब गई, जैसे उसकी पहचान भी दब गई हो। (डबिंग) अरबपति के माता पिता मत छेड़ो में ये दृश्य सबसे ज्यादा दर्दनाक है। लिज़ा और मनीषा का व्यवहार देखकर लगा कि पैसा इंसान को कितना बदल देता है।