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(डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ोवां3एपिसोड

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(डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो

बीते लम्हों को फिर से जीने के लिए, मैरी अपने याददाश्त खो चुके पति के साथ एक टूर पर निकलती है। लेकिन पहचान में एक छोटी-सी गलती, टूर गाइड की बेरुखी और बेइज़्ज़ती में बदल जाती है। जब सच्चाई सामने आती है, तो वही गाइड अपने किए पर पछतावे और बर्बादी के अंधेरे में डूब जाता है—और उधर, मैरी और उसका पति एक बार फिर अपनी खोई हुई मोहब्बत की मिठास को पा लेते हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

अहंकार का अंत

इस दृश्य में जो तनाव दिखाया गया है वह वास्तव में दिलचस्प है। एक तरफ वेटर का घमंड और दूसरी तरफ एक माँ का अपने पति के लिए संघर्ष। जब वेटर ने 5 लाख का जुर्माना मांगा तो लगा कि कहानी बहुत आगे बढ़ गई है, लेकिन अंत में वह महिला जिस तरह से पैसे गिनती है और कहती है कि बस इतना ही दे सकती हूँ, वह दृश्य बहुत भावनात्मक था। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो जैसे डायलॉग्स ने माहौल को और भी गंभीर बना दिया।

वेटर का व्यवहार

क्या किसी नौकरी में इतना घमंड होना चाहिए? इस वीडियो में वेटर का व्यवहार देखकर बहुत गुस्सा आया। उसने बिना किसी सबूत के सीधे 5 लाख का जुर्माना ठोक दिया। यह दिखाता है कि कैसे कुछ लोग अपनी पावर का गलत इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, उस महिला ने बहुत ही शांति से स्थिति को संभाला। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामा देखना बहुत रोमांचक होता है क्योंकि हर सीन में कुछ नया होता है जो आपको बांधे रखता है।

माँ का संघर्ष

इस क्लिप में सबसे अच्छी बात वह महिला है जो अपने पति की देखभाल कर रही है। भले ही वह व्हीलचेयर पर हैं और कभी-कभी कंट्रोल खो देते हैं, लेकिन उसकी पत्नी ने कभी हार नहीं मानी। जब वेटर ने उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की, तो उसने बहुत ही समझदारी से जवाब दिया। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो वाली लाइन ने तो जैसे पूरे सीन को पलट दिया। ऐसे किरदार दर्शकों के दिल जीत लेते हैं।

क्लास और क्लासलेस

यह वीडियो साफ दिखाता है कि असली क्लास पैसे से नहीं, बल्कि व्यवहार से होती है। वेटर जो खुद को बहुत बड़ा समझ रहा था, असल में वह कितना छोटा था। वहीं, वह दंपति जिसके पास शायद पैसे कम थे, लेकिन उनके व्यवहार में जो गरिमा थी, वह काबिले तारीफ है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट देखना अच्छा लगता है जो समाज की सच्चाई को दर्शाते हैं। अंत में जब वह महिला पैसे देती है, तो लगता है कि जीत उसी की हुई।

ड्रामा और ट्विस्ट

शुरुआत में लगा कि बस एक साधारण झगड़ा है, लेकिन जैसे-जैसे सीन आगे बढ़ा, ट्विस्ट आते गए। वेटर का 5 लाख मांगना, फिर उस महिला का पर्स से पैसे निकालना, और फिर असिस्टेंट टूर गाइड का आना। हर पल कुछ नया हो रहा था। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो जैसे डायलॉग्स ने कहानी में मसाला डाल दिया। ऐसे शॉर्ट वीडियोज़ देखने का मज़ा ही अलग है क्योंकि इनमें समय बर्बाद नहीं होता और कहानी भी पूरी मिलती है।

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