जब ईशान दौड़ता हुआ आया और अपनी माँ को बचाया, तो लगता है जैसे हीरो की एंट्री हो गई हो। उसकी आँखों में गुस्सा और चिंता दोनों साफ दिख रहे थे। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो वाली लाइन बिल्कुल फिट बैठती है यहाँ। वो लड़कियाँ जो शुरुआत में इतना अकड़ रही थीं, अब जमीन पर पड़ी चीख रही हैं। ईशान का फोन छीनना और फिर उसे वापस मांगना — ये सब इतना रियल लगा कि मैं भी उसकी जगह होता तो यही करता।
ईशान जब अपनी माँ को जमीन पर गिरा देखता है, तो उसका चेहरा बदल जाता है। वो सिर्फ बेटा नहीं, एक रक्षक बन जाता है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो — ये डायलॉग उसकी आवाज़ में सुनकर लगता है जैसे कोई धमाका हो गया हो। वो लड़कियाँ जो अपने बॉस की धमकी दे रही थीं, अब खुद डर के मारे कांप रही हैं। ईशान की आँखों में वो आग थी जो किसी को भी जला सकती थी।
जब वो लड़कियाँ अपने बॉस को वीडियो कॉल करती हैं, तो लगता है कि अब ईशान की मुश्किलें बढ़ेंगी। लेकिन उल्टा हो जाता है — बॉस को देखकर लगता है कि वो भी इस मामले में ईशान के साथ है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो — ये लाइन अब बॉस के मुंह से सुननी चाहिए थी। ईशान की माँ की हालत देखकर बॉस का चेहरा भी बदल जाता है। ये ट्विस्ट इतना अनएक्सपेक्टेड था कि मैं भी हैरान रह गया।
जब एम्बुलेंस आती है और ईशान अपनी माँ को अस्पताल ले जाने की तैयारी करता है, तो लगता है कि अब सब ठीक हो जाएगा। लेकिन वो लड़कियाँ अभी भी जमीन पर पड़ी चीख रही हैं। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो — ये लाइन अब उनके लिए सबक बन गई है। ईशान की माँ की आँखों में आंसू और ईशान के चेहरे पर गुस्सा — ये सब इतना इमोशनल था कि मैं भी रोने लगा।
जब बॉस को वीडियो कॉल पर सब कुछ दिखाया गया, तो उसका चेहरा गंभीर हो गया। वो सिर्फ कंपनी की बदनामी की बात नहीं कर रहा, बल्कि ईशान की माँ की हालत देखकर चिंतित लग रहा था। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो — ये लाइन अब उसके लिए भी लागू होती है। ईशान की ताकत और उसकी माँ के प्रति प्यार ने सबको झकझोर दिया। ये सीन इतना पावरफुल था कि मैं भी हैरान रह गया।