मीना ने बॉस को मारने का नाटक करके सबको धोखा दिया, लेकिन असल में वह खुद फंस गई। उसकी आंखों में डर और झूठ साफ दिख रहा था। जब बॉस की मां ने सच उजागर किया, तो मीना की सारी चालें बेकार हो गईं। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे मोड़ देखकर दिल धड़कने लगता है।
बॉस की मां ने मीना और उसके साथियों को जमकर लताड़ा। उनकी आवाज़ में गुस्सा और आंखों में निराशा थी। उन्होंने साफ कह दिया कि गरीब के सामने शेर बनते हो और अमीर के सामने चूहे। यह डायलॉग दिल को छू गया। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे सीन देखकर लगता है कि न्याय मिल गया।
उमेश ने मीना के साथ मिलकर बॉस को ब्लैकमेल करने की कोशिश की, लेकिन उनकी चाल नाकाम हो गई। उमेश की आंखों में डर और झूठ साफ दिख रहा था। जब सच सामने आया, तो वह चुप हो गया। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे धोखेबाजों का अंजाम देखकर संतोष मिलता है।
मीना ने रोने का नाटक करके सबको बेवकूफ बनाने की कोशिश की, लेकिन उसकी आंखों में झूठ साफ दिख रहा था। जब बॉस की मां ने सच उजागर किया, तो मीना की सारी चालें बेकार हो गईं। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे सीन देखकर लगता है कि झूठ कभी नहीं छिपता।
बॉस को जब पता चला कि उसकी मां ने मीना और उमेश के झूठ को उजागर किया है, तो वह हैरान रह गया। उसकी आंखों में सदमा और आश्चर्य था। वह समझ नहीं पा रहा था कि उसकी मां ने ऐसा क्यों किया। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे मोड़ देखकर दिल धड़कने लगता है।
मीना ने अंतिम प्रयास के तौर पर बॉस की मां पर झूठ बोलने का आरोप लगाया, लेकिन उसकी बात किसी ने नहीं मानी। उसकी आंखों में हताशा और क्रोध था। जब सबने उसे झूठा कहा, तो वह चुप हो गई। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे सीन देखकर लगता है कि झूठ का अंत बुरा होता है।
बॉस की मां ने मीना और उमेश के झूठ को उजागर करने का साहस दिखाया। उनकी आवाज़ में दृढ़ता और आंखों में निराशा थी। उन्होंने साफ कह दिया कि गरीब के सामने शेर बनते हो और अमीर के सामने चूहे। यह डायलॉग दिल को छू गया। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे सीन देखकर लगता है कि न्याय मिल गया।
उमेश की आंखों में डर साफ दिख रहा था जब बॉस की मां ने सच उजागर किया। वह समझ नहीं पा रहा था कि अब क्या करे। उसकी चुप्पी ने उसकी गलती को और भी स्पष्ट कर दिया। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे सीन देखकर लगता है कि डर के आगे जीत है।
मीना ने बॉस को मारने का नाटक करके सबको धोखा दिया, लेकिन असल में वह खुद फंस गई। उसकी आंखों में डर और झूठ साफ दिख रहा था। जब बॉस की मां ने सच उजागर किया, तो मीना की सारी चालें बेकार हो गईं। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे मोड़ देखकर दिल धड़कने लगता है।
बॉस की मां ने मीना और उमेश के झूठ को उजागर करने का फैसला किया। उनकी आवाज़ में दृढ़ता और आंखों में निराशा थी। उन्होंने साफ कह दिया कि गरीब के सामने शेर बनते हो और अमीर के सामने चूहे। यह डायलॉग दिल को छू गया। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे सीन देखकर लगता है कि न्याय मिल गया।