जब ईशान ने अपनी माँ के लिए चिंतित होकर उस लड़की को ढूंढने का फैसला किया, तो लगा कि इंसानियत अभी ज़िंदा है। (पृष्ठध्वनि) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे पल बार-बार दिल पर दस्तक देते हैं। माँ का आशीर्वाद और बेटे की जिम्मेदारी दोनों ही भावनाओं को गहराई से महसूस कराती हैं।
ईशान का वो ऋण पत्र देना... वाह! क्या गजब का जज्बात था। लड़की हैरान, पर ईशान का भरोसा अटूट। (पृष्ठध्वनि) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे मोड़ आते हैं जो सोचने पर मजबूर कर दें। क्या सच में पैसे से सब कुछ खरीदा जा सकता है? या फिर ये सिर्फ शुक्रिया अदा करने का तरीका था?
जब उस लड़की ने फोन पर पदोन्नति का संदेश पढ़ा, तो उसके चेहरे की चमक देखकर लगा कि मेहनत का फल मीठा होता है। (पृष्ठध्वनि) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे पल आते हैं जो उम्मीद जगाते हैं। वो खुद को मालिक बनते देख रही थी — क्या सपने सच होंगे?
हनी का कोट उतारते हुए प्रवेश लेना और फिर उस लड़की से मिलना — क्या लगाव था! (पृष्ठध्वनि) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे प्रेम भरे पल दिल को छू जाते हैं। दोनों के बीच की बातचीत में छुपा था एक नया मोड़ — मालिक की माँ का जन्मदिन!
लड़की ने कहा — 'चमकता हुआ कुछ अच्छा लगेगा'। क्या वो आभूषण उपहार करेगी? या फिर कुछ और? (पृष्ठध्वनि) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसे सवाल आते हैं जो अगली कड़ी के लिए बेचैन कर देते हैं। क्या वो समारोह में जाएगी? और क्या उपहार चुनेगी?