इस सीन में क्लास डिफरेंस बहुत साफ दिखाई देता है। एलिनोर और विलियम जैसे अमीर टूरिस्ट्स को स्पेशल ट्रीटमेंट मिल रहा है, जबकि रोहन और उसकी माँ को बस एक कोने में धकेल दिया गया है। लिसा और सोफिया लॉरेन का व्यवहार देखकर गुस्सा आता है कि कैसे वे पैसे वाले लोगों के आगे झुकती हैं और दूसरों को नीचा दिखाती हैं। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में भी ऐसा ही कुछ देखा था जहाँ अमीरों का अहंकार टूटता है। यहाँ भी शायद ऐसा ही कुछ होने वाला है।
लिसा का किरदार बहुत दिलचस्प है। एक तरफ वह एलिनोर के सामने बहुत मीठी बनती है, उनके बैग को संभालती है, और दूसरी तरफ रोहन और उसकी माँ के प्रति इतना रूखा व्यवहार करती है। जब वह सोफिया से कहती है कि उन भिखारियों को देखो, तो दिल दुख जाता है। लेकिन लगता है कि आगे चलकर उसे अपनी गलतियों का अहसास होगा। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में भी ऐसे ही किरदार थे जो बाद में सुधर गए थे। उम्मीद है यहाँ भी ऐसा ही होगा।
जब रोहन ने दूध का गिलास गिराया, तो सबके चेहरे के भाव देखने लायक थे। एलिनोर का चौंकना, लिसा का गुस्सा, और रोहन की माँ की घबराहट। लेकिन क्या यह सच में गलती थी? या रोहन ने जानबूझकर ऐसा किया ताकि उन अमीरों को सबक सिखाया जा सके? (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में भी ऐसे ही पल थे जहाँ गरीब परिवार अमीरों को शर्मिंदा करता था। यहाँ भी शायद यही प्लान है। बहुत ही ड्रामेटिक सीन था!
सोफिया लॉरेन का किरदार बहुत नेगेटिव लग रहा है। वह लिसा के साथ मिलकर रोहन और उसकी माँ का मजाक उड़ा रही है। उन पर टिप्पणी कर रही है कि उनके पास अच्छे बैग या ज्वेलरी नहीं है। यह दिखाता है कि वह कितनी सतही इंसान है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में भी ऐसा ही एक विलेन था जो अंत में पछताया था। शायद सोफिया भी आगे चलकर अपनी गलतियों को सुधारेगी। लेकिन अभी तो वह बहुत घृणित लग रही है।
जब रोहन की माँ ने फोन पर बात की और कहा कि सब अच्छा है और टूर गाइड बहुत अच्छी है, तो दिल पिघल गया। वह अपने बेटे को झूठ बोल रही थी ताकि वह चिंता न करे। लेकिन असल में हालात कितने खराब हैं, यह सब देख रहे हैं। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में भी माँ का प्यार बहुत दिखाया गया था। यहाँ भी माँ का त्याग और प्रेम बहुत भावुक कर देने वाला है। यह सीन बहुत ही दिल को छू लेने वाला था।