मीना और उसकी सहेली का रोना-धोना देखकर लगता है जैसे वे किसी ड्रामे में हों। मिसिज चौहान का गुस्सा जायज है, पर ये लोग माफी मांगने के बजाय नाटक कर रहे हैं। वसीम का आना और गार्ड्स को बुलाना सब कुछ बदल देता है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसा ही ट्विस्ट होता है।
जब वसीम ने गार्ड्स को बुलाया, तो लगा जैसे कोई एक्शन मूवी का सीन हो। मीना और उसकी सहेली की चीखें सुनकर दिल दहल गया। मिसिज चौहान का चेहरा देखकर लगता है कि वे सबक सिखाने वाली हैं। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में भी ऐसे ही हाई-वोल्टेज सीन्स होते हैं।
मीना का रोना और माफी मांगना देखकर लगता है कि वह किसी थिएटर में है। मिसिज चौहान का गुस्सा जायज है, पर ये लोग माफी मांगने के बजाय नाटक कर रहे हैं। वसीम का आना और गार्ड्स को बुलाना सब कुछ बदल देता है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसा ही ट्विस्ट होता है।
मिसिज चौहान का गुस्सा देखकर लगता है कि वे सबक सिखाने वाली हैं। मीना और उसकी सहेली का रोना-धोना देखकर लगता है जैसे वे किसी ड्रामे में हों। वसीम का आना और गार्ड्स को बुलाना सब कुछ बदल देता है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में भी ऐसे ही हाई-वोल्टेज सीन्स होते हैं।
जब वसीम ने गार्ड्स को बुलाया, तो लगा जैसे कोई एक्शन मूवी का सीन हो। मीना और उसकी सहेली की चीखें सुनकर दिल दहल गया। मिसिज चौहान का चेहरा देखकर लगता है कि वे सबक सिखाने वाली हैं। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में भी ऐसे ही हाई-वोल्टेज सीन्स होते हैं।
मीना और उसकी सहेली का रोना-धोना देखकर लगता है जैसे वे किसी ड्रामे में हों। मिसिज चौहान का गुस्सा जायज है, पर ये लोग माफी मांगने के बजाय नाटक कर रहे हैं। वसीम का आना और गार्ड्स को बुलाना सब कुछ बदल देता है। (डबिंग) अरबपति के माता-पिता मत छेड़ो में ऐसा ही ट्विस्ट होता है।
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