पहले वाले सीन में लड़के का व्यवहार काफी अजीब था, जैसे वो कुछ छिपा रहा हो। और अब वो इस लड़की के साथ इतना खुश दिख रहा है। शायद उसने पहले वाली लड़की के आइडिया चुरा लिए हों? जब वो स्टेज पर गई तो सबकी नजरें उस पर थीं। अब देर हो गई, सच्चाई सामने आने वाली है।
सूट पहने उस आदमी का रवैया काफी सख्त लग रहा था। वो बस सवाल ही नहीं पूछ रहा, बल्कि जैसे किसी गलती की तलाश में हो। लड़की का कॉन्फिडेंस धीरे-धीरे टूटता दिख रहा है। अब देर हो गई, क्योंकि उसकी प्रेजेंटेशन बीच में ही अटक गई है। क्या वो जवाब दे पाएगी?
ऑडियंस में बैठे छात्रों के चेहरे पर अलग-अलग भाव थे। कोई हैरान था, तो कोई मजाक उड़ा रहा था। लड़की ने जब फाइलें कसकर पकड़ीं, तो लगा जैसे वो अपनी नर्वसनेस को छिपाने की कोशिश कर रही हो। अब देर हो गई, क्योंकि पूरी क्लास उसी के रिजल्ट का इंतजार कर रही है।
जब वो लड़की स्टेज पर अकेली खड़ी थी, तो स्क्रीन की रोशनी में उसका चेहरा और भी पीला लग रहा था। पीछे वाली लड़की की सफलता और उसकी अपनी स्थिति में जमीन-आसमान का फर्क था। अब देर हो गई, क्योंकि उसे बिना किसी मदद के यह लड़ाई लड़नी होगी।
शुरुआत में लड़के का कार की चाबी दिखाना और फिर प्रेजेंटेशन हॉल में उसका ये रवैया, सब कुछ बहुत प्लान्ड लग रहा है। शायद ये सब जानबूझकर किया गया ताकि लड़की को डिस्टर्ब किया जा सके। अब देर हो गई, क्योंकि नुकसान तो पहले ही हो चुका है।