वीडियो के अंत में ड्रेको का भविष्य पूरी तरह अनिश्चित लग रहा है। कोच का गुस्सा, हार्पर का फोन, और पीली ड्रेस वाली लड़की का आना, सब कुछ एक बड़े ट्विस्ट की ओर इशारा कर रहा है। अब देर हो गई अनुमान लगाने की, क्योंकि कहानी आगे क्या मोड़ लेगी, यह देखना बाकी है। ड्रेको का किरदार काफी गहराई रखता है।
लॉकर रूम का सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। कोच का गुस्सा साफ जाहिर कर रहा था कि टीम की हार से वह कितने निराश हैं। ड्रेको का चुपचाप सब सुनना और फिर हार्पर का फोन आना, यह सब मिलकर एक तनावपूर्ण माहौल बना रहा है। अब देर हो गई पछताने की, शायद ड्रेको को अपनी गलतियों का अहसास हो रहा होगा।
लॉकर रूम में अचानक एंट्री लेने वाली पीली ड्रेस वाली लड़की ने सबका ध्यान खींच लिया। उसका अंदाज और ड्रेको से बात करने का तरीका काफी फ्लर्टी था। लेकिन कोच के आते ही माहौल बदल गया। अब देर हो गई उससे बात करने की, क्योंकि कोच का गुस्सा सब पर हावी था। लगता है यह लड़की कहानी में अहम भूमिका निभाने वाली है।
आइस हॉकी मैच के सीन्स बहुत ही एनर्जेटिक थे। प्लेयर्स का जुनून और भीड़ का उत्साह देखने लायक था। लेकिन ड्रेको की टीम का हारना और उसका निराश चेहरा दिल को छू गया। अब देर हो गई जीत का जश्न मनाने की, क्योंकि हार ने सबके मूड खराब कर दिए। लॉकर रूम का सीन इस हार का असर दिखाता है।
एक तरफ अंटार्कटिका का सपना और दूसरी तरफ हॉकी की जिम्मेदारियां। ड्रेको का किरदार काफी जटिल लग रहा है। वह अपने सपनों और वर्तमान की जिम्मेदारियों के बीच फंसा हुआ है। अब देर हो गई फैसला लेने की, क्योंकि कोच की डांट और हार्पर का फोन उसे दो राहों पर खड़ा कर देता है। आगे क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।